जोरापोखर थाना क्षेत्र के अंतर्गत जागरुकता अभियान जन शिकायत समाधान कार्यक्रम आज दिनांक 10/

जोरापोखर थाना क्षेत्र के अंतर्गत जागरुकता अभियान जन शिकायत समाधान कार्यक्रम आज दिनांक 10/

सितंबर 2024 11:00 दिन में टाटा
ऑटो टोरियल में कैंप लगाया गया सिंदरी डीएसपी भूपेंद्र प्रसाद रावत के द्वारा नई पहल जागरूकता के बारे मे जनता को जागरूक कीऐ और कहे कि अगर किसी को थाना प्रभारी लिखित शिकायत का रिसीविंग नहीं देते हैं या कैसे नहीं करते हैं तो आप लोग फौरन 112 नंबर पर कॉल करें ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें शिकायत दर्ज करने के बाद तीन दिन के अंदर थाना जाएं उसके बाद समस्या का समाधान नहीं होता है तो पुणे सिंदरी मेरे पास आए 15 दिनों के अंदर आपका समस्या का समाधान अवश्य ही होगा और साथ-सा द यह भी कहे की अगर किसी भी बैंक के अकाउंट से पैसा गण होता है तो 1930 नंबर पर कॉल करें जिससे आपका अकाउंट का निकासी बंद हो जाएगा बूढ़े बुजुर्ग के विषय में खासकर चर्चा किया की उनके समस्या अगर होता है तो फौरन मेरे फोन नंबर 9470589467 है ईस में फोन करें या ईस नंबरपर 9431706375पर डरे नहीं फोन करें। पुलिस आपकी सहायता 24 घंटे करेगी इस सभागार में झरिया के अंचलाधिकारी राम सुमन राम एवं जोरापोखर थाना स्पेक्टर ,झरिया थाना स्पेक्टर और 13 तेरह थाने के O P प्रभारी और S I पुलिस, सुभाषिस राय तथा शमशेर आलम झारखंड अध्यक्ष प्रवक्ता
भी उपस्थित रहे है ।
आप साइबर अपराधी द्वारा साइबर ठगी करने के तरीके
फर्जी मोबाइल नम्बर से फर्जी बैंक पदाधिकारी बनकर आम लोगों को ATM बंद होने एवं उसे चालू कराने के नाम पर पीड़ित से गुप्त जानकारी लेकर एवं रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर भेजे गए OTP पूछकर पैसे की ठगी कर लेते हैं।
KYC Updates कराने के नाम पर आमलोगों से OTP No. एवं आधार कार्ड का नम्बर पूछकर उनके आधार से लिंक बैंक खाता से पैसा ठगी कर लेते है।
PhonePe/Paytem etc. से Money Request भेजकर उनसे गुप्त UPI PIN डलवाकर रूपये ठगी कर लिया जाता है।
Google पर विभिन्न प्रकार के Wallets एवं Bank के Customer Care नम्बर के स्थान पर अपना फर्जी नम्बर Customize कर विभिन्न Payment Wallets का हेल्प लाईन अधिकारी बनकर आमलोगों से आम सहायता के नाम से गुप्त जानकारी प्राप्त कर ठगी करते हैं।
Team Viewer एवं Quick Support. जैसे Remote Access APPs Install करवाकर पीड़ित के मोबाइल को खुद (स्वयं) अपराधी। बबमे कर लेते हैं जिसके कारण साइबर अपराधी को पीड़ित से OTP पूछने की जरूरत नहीं पड़ती है और आसानी से पीड़ित के खाता से बार-बार पैसों की निकासी कर लेते हैं।
UPI Wallets से ठगी किये गये पीड़ित की पुनः उसके खाते में रिफड करने के नाम पर ये लोग पीड़ित के रजिस्टूड मोबाइल नम्बर के साथ अन्य Word Add कर एक नये Virtual Payment Address (VPA e-g.-1234567089/ICICI) Create कर उसे एक फर्जी Account के साथ Link कर लेते हैं और पीड़ित को Pavment Wallets (Phonepe, BHIM UPI) में To Contact में जाकर बने
फर्जी VPA Add करवाकर Cashback देने के नाम पर ठगी कर लेते हैं।
Google पर दुसरे राज्यों के Mobile No का प्रथम Four Digit Search कर अपने मन से Six Digit Add कर Vishing Identity theft (अपनी वास्तविक पहचान छुपाकर स्वयं को बैंक अधिकारी आदि बताकर) के माध्यम से साइबर ठगी का काम करते हैं। इस सभी बिंदु पर चर्चा पर चर्चा हुई टाटा हाल ऑटो टोरियल में लगभग 200 जनता आए थे बूढ़े बुजुर्ग नौजवान शामिल थे।

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