मीडिया की खबरों का भी असर नहीं, झरिया अंचल निरीक्षक रामरतन पांडे की मनमानी जारी।

मीडिया की खबरों का भी असर नहीं, झरिया अंचल निरीक्षक रामरतन पांडे की मनमानी जारी।

झरिया धनबाद झरिया अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था के खिलाफ पिछले दो दिनों से लगातार समाचार प्रकाशित किए जा रहे हैं, लेकिन अंचल निरीक्षक (CI) रामरतन पांडे की सेहत पर इसका कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है।

खबरों को ठेंगा दिखा रहे अंचल निरीक्षक

आमतौर पर मीडिया में मामला आने के बाद अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करते हैं या स्पष्टीकरण देते हैं, लेकिन रामरतन पांडे के मामले में स्थिति इसके ठीक उलट है। सूत्रों के अनुसार, समाचारों के प्रकाशन के बावजूद उनके व्यवहार में कोई नरमी नहीं आई है। वे अब भी छात्रों के जाति, आवासीय, आय और EWS प्रमाण पत्रों की फाइलों को दबाए बैठे हैं।

अधिकारी का बेखौफ अंदाज: “मीडिया में खबरें आने के बाद भी रामरतन सर का कहना है कि उन्हें किसी भी उच्चाधिकारी का कोई डर नहीं है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा है कि समाचार छपने से उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और वे अपने मनमुताबिक ही काम करेंगे।

छात्रों के सब्र का बांध टूटा

पिछले दो दिनों से अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहे छात्रों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। छात्रों का कहना है कि

दो दिन से लगातार खबरें चल रही हैं कि कैसे छात्रों को परेशान किया जा रहा है।

इसके बावजूद रामरतन पांडे फाइलों को आगे बढ़ाने के बजाय आवेदकों को और अधिक प्रताड़ित कर रहे हैं।

अधिकारी की यह ‘निडरता’ संकेत देती है कि उन्हें या तो सत्ता का संरक्षण प्राप्त है या वे जिला प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं।

प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल

बड़ा सवाल यह है कि जब मीडिया लगातार इस संवेदनशील मामले को उठा रहा है तो धनबाद जिला प्रशासन और उपायुक्त DC अब तक मौन क्यों हैं क्या एक अंचल निरीक्षक इतना शक्तिशाली हो गया है कि वह नियम-कानून और चौथे स्तंभ मीडिया की गरिमा को भी ताक पर रख सकता है

आंदोलन की सुगबुगाहट

झरिया के छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर रामरतन पांडे के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और लंबित प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, तो अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

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