असम चुनाव 2026 मजबात में ‘तीर-धनुष’ की गूँज, शोषित समाज ने भरी हुंकार

असम चुनाव 2026 मजबात में ‘तीर-धनुष’ की गूँज, शोषित समाज ने भरी हुंकार
मजबात उदलगुरी 4 अप्रैल 2026
असम में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है मजबात विधानसभा सीट पर चुनावी पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। आगामी 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए यहाँ की जनता ने इस बार ‘बदलाव’ का मन बना लिया है। विशेष रूप से क्षेत्र के आदिवासी और चाय बागान श्रमिक समुदायों के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा JMM की प्रत्याशी प्रीति रेखा बारला एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरी हैं।
आदिवासी और शोषित वर्ग की एकजुटता
असम में लगभग 70 से 80 लाख की आबादी वाले आदिवासी और चाय जनजाति समाज का आरोप है कि पिछली सरकारों ने उन्हें केवल ‘वोट बैंक’ की तरह इस्तेमाल किया। मजबात क्षेत्र में इस बार यह नारा गूँज रहा है कि शोषण और अत्याचार का अंत अब करीब है। प्रीति रेखा बारला, जो खुद इसी समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं, अपनी रैलियों में जल-जंगल-जमीन और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही हैं।
मुख्य चुनावी मुकाबला
मजबात निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है, जहाँ मुख्य चेहरे इस प्रकार हैं
प्रीति रेखा बारला JMM चुनाव चिन्ह तीर-धनुष। उन्हें स्थानीय आदिवासी समाज और ‘जय भारत पार्टी’ का समर्थन प्राप्त है।
नारायण अधिकारी कांग्रेस विपक्षी गठबंधन की ओर से मैदान में हैं।
चरण बोरो BPF क्षेत्रीय समीकरणों में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।
रवींद्र बसुमतारी UPPL BJP गठबंधन‌ सत्ताधारी गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनौती दे रहे हैं।
चुनावी समीकरण और मुद्दे
70 लाख चाय जनजातियों का प्रभाव JMM इस बार असम में अकेले चुनाव लड़कर इन 70 लाख लोगों की आवाज बनने की कोशिश कर रही है।
बेटी को आशीर्वाद मजबात की जनता प्रीति बारला को अपनी बेटी के रूप में देख रही है जो उनके हक के लिए विधानसभा में आवाज बुलंद करेगी।
अंतिम दौर का प्रचार आज 4 अप्रैल है और चुनाव प्रचार अब अंतिम चरण में है। 7 अप्रैल की शाम से ‘साइलेंस पीरियड’ शुरू हो जाएगा, जिससे पहले सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां
मतदान: 9 अप्रैल, 2026
परिणाम: 4 मई, 2026 मजबात में ‘तीर-धनुष’ का बढ़ता प्रभाव यह संकेत दे रहा है कि इस बार शोषित वर्ग किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। क्या प्रीति बारला इस बार इतिहास रच पाएंगी? इसका फैसला 9 अप्रैल को मजबात की जनता ईवीएम में कैद करेगी।

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