झरिया मौत के पोल पर चढ़ते कर्मचारी सुरक्षा के नाम पर विभाग का शून्य प्रबंधन।

झरिया मौत के पोल पर चढ़ते कर्मचारी सुरक्षा के नाम पर विभाग का शून्य प्रबंधन।

धनबाद झरिया झरिया के इंद्रा चौक पर मंगलवार की शाम जो कुछ भी हुआ, वह महज़ एक हादसा नहीं बल्कि बिजली विभाग की कार्यशैली पर एक बड़ा तमाचा है। 11,000 वोल्ट की हाई-वोल्टेज लाइन पर काम कर रहे दो कर्मचारियों में से एक श्याम सुंदर विश्वकर्मा अचानक अनियंत्रित होकर पोल से सीधे ज़मीन पर आ गिरे। आज वह अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे है लेकिन विभाग अब भी जांच और बयानों’ के पीछे अपनी गर्दन छुपा रहा है।
सवाल जो विभाग को चुभेंगे
इंद्रा चौक फीडर नंबर 1 के समीप RMU बदलने का काम चल रहा था। चिलचिलाती धूप और 11 KV का जानलेवा खतरा—क्या विभाग ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षा बेल्ट Safety Belt उपलब्ध कराई थी प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर कर्मचारी ने बेल्ट बांधी होती तो संतुलन बिगड़ने पर वह हवा में लटकता न कि ज़मीन पर आकर अपनी हड्डियां तुड़वाता।
करंट लगा या चक्कर आया सस्पेंस बरकरार
हादसे के बाद घटनास्थल पर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है। कुछ लोग इसे बिजली का झटका बता रहे हैं, तो कुछ इसे भीषण गर्मी और गस चक्कर आने का परिणाम मान रहे हैं। तर्क यह है कि अगर करंट होता तो साथ में काम कर रहा जीतन बाउरी भी चपेट में आता। लेकिन सवाल यह है कि क्या गर्मी के इस मौसम में ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है? क्या उन्हें पर्याप्त ब्रेक और पानी की सुविधा दी जाती है
हादसे के घंटों बाद भी बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आना उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। इस बीच विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष अर्जुन विश्वकर्मा ने साफ चेतावनी दी है अगर घायल कर्मचारी को समुचित इलाज नहीं मिला तो आंदोलन की आग विभाग के दरवाज़े तक पहुंचेगी।
जब तक विभाग अपने कर्मचारियों को इंसान न समझकर मशीन समझता रहेगा तब तक झरिया के पोल से ऐसे ही मज़दूर गिरते रहेंगे। अब देखना यह है कि विभाग इस हादसे की ज़िम्मेदारी लेता है या इसे मानवीय भूल बताकर ठंडे बस्ते में डाल देता है।

जोशी न्यूज़ रिपोर्टर मुजाहिद की खास रिपोर्ट

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000