प्रसिध्ध सहित्यकार, सामाजिक कार्यकर ,पत्रकार डो.गुलाबचंद पटेल जी का अनोखा जन्मोत्स्व, एवोर्ड प्रदशनी

प्रसिध्ध सहित्यकार, सामाजिक कार्यकर ,पत्रकार डो.गुलाबचंद पटेल जी का अनोखा जन्मोत्स्व, एवोर्ड प्रदशनी ,कवि सम्मेलन और ‘यात्रा के अवसर “ किताब का विमोचन कार्यक्रम द्वारा मनाया गया .

गुजरातकी राजधानी गांधीनगर के प्रसिध्ध हिंदि गुजराती साहित्यकार ,सामाजीक कार्यकर एवम पत्रकार डो. पटेलजीके जन्म दिन अवसर पर जन्मोत्स्व ,साहित्यिक –सामजिक उप्लब्धिया 101 से अधिक सभी ट्रोफीया अवोर्ड, मोमेंटो पुरस्कार एवम 650 से अधिक सम्मान पत्रो एवम “ यात्रा के अवसर “ किताब का विमोचन कार्यक्रम साहित्यकार डो.बीना पटेलजी के कर कमलोसे करने हेतु डो .बाबा साहब अम्बेड्कर भवन गांधीनगर गुजरात मे दिनांक 19 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे इंडीयन लायंस स्वर्णीम कलब गांधीनगर ,सारस्वत लोज थियोसोफिकल सोसायटी गांधीनगर और भारत माता अभिनंदन संगठन हरियाणा –गुजरात इकाइ द्वारा आयोजित किया गया था.इस कार्यक्रममे 36- गांधीनगर उत्तर विधान सभाकी भारतिय जनता पार्टीकि जानी- मानी सरल व्यक्तित्व की धनी रीटा बहन पटेलजीने रिबन काट्कर प्रदर्शनीका उद्घाटन किया, स्वदेशी भारतिय संस्क्रुति के अनुरुप मावा (दुध का हल्वा) से बनी ,केक विधायकजी के कर कमलोसे काट्कर जन्मोत्सव मनाया गया और डो.पटेलजी का मुह मीठा कराया.बादमे डो. बीना पटेल जी भारत माता अभीनंदन संगठन कि अध्यक्षा चिफ एडिट्रर लोकायत दैनिक न्यूज़ने डो.पटेलजी को केक खिलाकर मुह मीठा कराया. बाद ,धर्म पत्नि पार्वतिबहन पटेलजीने और सभी सांस्थाओके पदधिकारियो,सदस्यो,रिस्तेदार,मित्रो ,पत्रकार महेशभाइ आसोडिया, रीज वान मनसुरी, विनोद्भाइ मक्वाणाजी और समाज कल्याण अधिकारि रेणुकाबहनजी ने तथा गांधीनगर साहित्य सेवा संस्थाके मंत्री श्री कांतीभाइ पटेल एड्वोकेटजी, उपाध्यक्ष राधेश्याम यादवजी, ट्रस्टी महेंद्रभाइ चौहाणजी, ट्रस्टी हीना शाहजी, ट्रस्टी रमेशभाइ मुलवाणीजीने डो.पटेलजी का मुह मीठा कराया.प्रदर्शनी सुबह ग्यारह बजेसे पांच बजे तक खुली रही.इस्की मुलाकात शैक्ष्णिक् संस्थाओने ,विध्यार्थियो और बडी मात्रा मे साहित्यकारोने ली और अपनी प्रतिक्रियाए व्यक्त की.

शाम पांच बज्कर त्रिस मिनिट पर डो.पटेलजीकी माता मंगुबहन और पिताजि नरसिन्ह्भाइ पटेलजीकी स्म्रुतिमे आयोजित कवि सम्मेलनका उद्घाटन साहित्यकार बीना पटेलजी द्वारा किया गया.

इस कवि सम्मेलन का संचालन बहुत ही सुंदर रीती से कवि एवम शिक्षक्श्री मुकेश पांडेय जी द्वारा किया गया.बाद मे गुजराती कवि श्री बंकिम ब्रह्म्भट्ट जी, इंके बाद कवि एवम महा मंत्री श्री थियोसोफिकल सोसायटी गुजरात फेड्रेशन भावनगर के गीरीश नीलगीरी जी, ज्योति गुजराती मेगेजीन के सह सम्पादक,कवि एवम युवा शिविर के चैरमेंन श्री प्रतिक श्रीमालीजी, इंके बाद श्री कांतिभाइ पटेल एड्वोकेट,बादमे ग्यारह वे कक्षाकी विध्यार्थिनि कुमारी ष्लोका प्रदीप् पटेल जी,बादमे कवि श्री मणिलाल श्रीमाली जी ने बहुत ही सुंदर गुजराती रचनाये प्रस्तुत की गइ.

आमंत्रित कवियोके सिवा जो कवियित्रि नयनाबहन और शुशिला जी कवयित्रि ने भी अपनी बेन्मुन कविताये प्रस्तुत किया ग्या .दौनो कव कवयित्रीयोको सम्मान पत्र प्रदांन करके डो.बीना बहन पटेल जी ने और डो.गुलाब चंद जी ने सम्मानित किया गया .

सभी कवियोको अंगवस्त्र सम्मान पत्र ,मोमेंटो और मानदेय डो.बीना पटेल जी और डो.गुलाबचंद पटेल जी द्वारा दिया गया.

लेखक डो,गुलाबचंद पटेल जी द्वारा लिखी गइ किताब प्रकाशक विश्व साहित्य प्रकाशन प्रयागराज द्वारा प्रकाशित “ यात्रा के अवसर” हिंदि भाषा कि किताब गुजरात के मुख्य मंत्री श्री भुपेंद्रभाइ पटेल जी की शुभेछा और अभिनंदन सह,रचना दर्शन मंच कि अध्यक्षा डो.रजनी प्रभा कवयित्रिकी उम्दा भुमिका साथ ,डो.आशासिन्ह सिकरवार साहित्यकारकी उत्क्रुस्ठ समीक्षा के साथ भारतिय और अंतर्राश्ट्रिय संस्क्रुति , विभिन्न स्थान कि जानकारी को उजागर करती है.डो.रजनी प्रभाजी अपनी समीक्षा मे बताया है कि डो.पटेल जी द्वारा लिखी गइ यह किताब “यात्रा के अवसर” अनुभवकी एक नइ कडी है. सहित्यकी अन्य विधाओकि तरह आधुनिक युगमे भारर्तेंदु हरिक्श्चंद्र के द्वारा ही हुआ था. इंन्की“ सरयु पारकी यात्रा “को हिंदीकि प्रथम यात्रा व्रुतांत होनेका गौरव प्राप्त है. कथेतर साहित्य मे यात्रा साहित्य सम्भव्तह एसी एकेली विधा है .जिस परहरभाषा लेखको ने अव्श्य लिखा है..भार्तेंदु,बाल क्रुष्ण भट्ट, प्रताप नारायण मिश्र, रामव्रुक्ष बेनीपुरी, जवाहरलाल नेहरुराहुल सांक्रुत्यान, प्रभाकर मांच्वे जेसे तमाम सिध्ध्हस्त रच्नाकारो की लेखनीसे एक से बढकर एक यात्रा व्रुतांत रचे गये है.इसी कडीमे एक नाम गुजरातके प्रसिध्ध साहित्यकार और अनुवादक डो.गुलाबचंद पटेलजीका शामिल किया जाता है..इन्होने अपने बेंगुलुरु, उजैन, हरिद्वार, छतिसगढ, नाथद्वारा, पुणे, मुम्बइ ,प्रयागराज ,नागपुर, शिलोंग, हैद्राबाद, भोपाल, चितोडगढ, केरल, दार्जीलिंग, और दुबइ आदि स्थानो के साहित्यिक सामाजिक भ्रमणको कटु म्रुदु अनुभवोको बडे व्यापक और सटिक ढंगसे प्रस्तुत किया है.

रचना दर्शन मंच बिहार की अध्यक्षा डो.रजनी प्रभाजी ने और खम्भोलज साहित्य सेवा संस्थान गुजरात के रास्ट्रिय अध्यक्ष डो.शैलेश वाणिया जी ने डो.पटेल जी को जन्म दिन की शुभ कामनाये और ढेर सारी बधाइया प्रदान की है.

इस कार्यक्रम मे आभार दर्शन श्री कांतिभाइ पटेल एड्वोकेट मंत्री श्री गांधीनगर साहित्य सेवा संस्थान ट्रस्टगांधीनगर द्वारा किया गया है.अंत मे सामुहिक रास्ट्रगान “जन गण मन अधिनायक ‘ रास्ट्रगीत प्रस्तुत किया गया.

डो .गुलाबचंद पटेल हिंदि गुजराती साहित्यकार एवम सामाजिक कार्यकर

अध्यक्ष् गाधीनगर साहित्य सेवा संस्थान ट्रस्ट्गांधीनगर गुजरात भारत

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