गरीब का सहारा बनेगी गरीब प्रत्याशी: आशा कुमारी ने माँगा माताओं-बहनों से जीत का आशीर्वाद।

गरीब का सहारा बनेगी गरीब प्रत्याशी: आशा कुमारी ने माँगा माताओं-बहनों से जीत का आशीर्वाद।”

वार्ड 53: धनबल बनाम जनबल की लड़ाई, ‘मोतियों का हार’ लेकर मैदान में उतरीं आशा कुमारी

सिंदरी के वार्ड 53. नगर निगम चुनाव के करीब आते ही वार्ड संख्या 53 का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इस बार मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर है, जहाँ एक ओर धनबल और संसाधनों का प्रदर्शन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आशा कुमारी (प्रत्याशी क्रमांक 4) सादगी और जनता के विश्वास के दम पर चुनाव लड़ रही हैं।

गरीबों का सहारा बनने का संकल्प

चुनाव प्रचार के दौरान जनता को संबोधित करते हुए आशा कुमारी ने विरोधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पैसे के दम पर वोट खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। आशा कुमारी ने भावुक अपील करते हुए कहा, “मैंने अभी तक जनता के बीच एक रुपया भी नहीं बांटा है, क्योंकि मेरा विश्वास नोटों पर नहीं, बल्कि वार्ड की जनता के आशीर्वाद पर है। मैं चाहती हूँ कि जनता पैसे बांटने वालों को सबक सिखाए और गरीबों के सच्चे प्रतिनिधि को चुने।”

आशा कुमारी का चुनाव चिन्ह ‘मोतियों का हार’ क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने अपनी माताओं और बहनों से अपील की है कि वे किसी के प्रलोभन में न आएं और एक ईमानदार सरकार बनाने के लिए क्रमांक संख्या 4 पर मुहर लगाएं।

क्षेत्र की जनता का समर्थन स्थानीय निवासियों का कहना है कि आशा कुमारी जमीन से जुड़ी हुई प्रत्याशी हैं। “एक गरीब ही गरीब का सहारा बन सकता है” के नारे के साथ वे हर घर तक पहुँच रही हैं। अब देखना यह है कि वार्ड 53 की जनता धनबल को चुनती है या आशा कुमारी के जनबल को।

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