झारखंड की पावन धरा पर राष्ट्रपति का आगमन: जमशेदपुर में श्री जगन्नाथ मंदिर का भूमि पूजन और छात्रों से संवाद जमशेदपुर। भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

झारखंड की पावन धरा पर राष्ट्रपति का आगमन: जमशेदपुर में श्री जगन्नाथ मंदिर का भूमि पूजन और छात्रों से संवाद
जमशेदपुर। भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंचीं। ‘जोहार’ और भव्य स्वागत के साथ राज्य की माटी पर कदम रखते ही उन्होंने जमशेदपुर में महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे।
श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक केंद्र का भूमि पूजन
राष्ट्रपति का सबसे प्रमुख कार्यक्रम जमशेदपुर के कदमा मरीन ड्राइव में रहा, जहाँ उन्होंने श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र का भूमि पूजन किया।
भव्य मंदिर: यह मंदिर ओडिशा के पुरी स्थित 12वीं सदी के विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर की प्रतिकृति (Replica) होगा।
लागत और विस्तार: लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र 2.5 एकड़ भूमि पर फैला होगा।
संदेश: राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ पूरे ब्रह्मांड के स्वामी हैं और उनका आशीर्वाद सभी पर समान रूप से बरसता है। उन्होंने कोल्हन क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और सद्भाव की सराहना की।
शिक्षा और युवाओं से संवाद
भूमि पूजन के पश्चात राष्ट्रपति मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC), बारीडीह पहुंचीं।
मेधावी छात्रों का सम्मान: उन्होंने मेडिकल कॉलेज के टॉपर छात्रों के साथ फोटो खिंचवाई और उनके साथ संवाद किया।
पौधारोपण: पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने कॉलेज परिसर में पौधारोपण भी किया।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: कॉलेज प्रबंधन ने राष्ट्रपति के सम्मान में परिसर के भीतर “द्रौपदी मुर्मु स्पोर्ट्स एंड फूड कॉम्प्लेक्स” विकसित करने की योजना की घोषणा की।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
महामहिम के दौरे को देखते हुए लौहनगरी जमशेदपुर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे:
4000 पुलिसकर्मी और 125 मजिस्ट्रेट तैनात रहे।
सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे रूट की निगरानी की गई।
सोनारी एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थलों तक तीन ‘हिट टीमों’ को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैनात रखा गया।
राष्ट्रपति का झारखंड प्रेम: राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती मुर्मु का यह दौरा एक बार फिर झारखंड के साथ उनके गहरे भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। वे यहाँ की पहली महिला राज्यपाल रह चुकी हैं और लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है।

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