धनबाद में ‘फ्री’ सरकारी नल की कीमत ₹29,000

धनबाद में ‘फ्री’ सरकारी नल की कीमत ₹29,000।

गरीबों की प्यास पर सरकारी टैक्स का पहरा नगर निगम ने बनाया वसूली का नया मॉडल
धनबाद, 14 मार्च 2026: प्रधानमंत्री की ‘हर घर जल’ योजना धनबाद नगर निगम की फाइलों में दबकर रह गई है। जहाँ केंद्र सरकार चिल्ला चिल्ला कर कह रही है कि नल कनेक्शन मुफ्त है, वहीं धनबाद नगर निगम ने एक आम आदमी के लिए पानी के कनेक्शन की कीमत ₹29,000 तय कर दी है। यह राशि किसी रिश्वतखोर बिचौलिए की नहीं बल्कि निगम के ‘नियमों’ की भेंट चढ़ रही है।
आम आदमी की कमर तोड़ रहा ‘सरकारी खर्च’
एक मामूली नागरिक या मध्यम वर्गीय परिवार के लिए पानी का कनेक्शन लेना अब किसी ‘लक्जरी’ से कम नहीं है। नगर निगम द्वारा बताए जा रहे खर्च का गणित कुछ इस प्रकार है
होल्डिंग टैक्स का बोझ: करीब ₹10,000 (पुराना बकाया या नया असेसमेंट)।
नगर निगम का DD (डिमांड ड्राफ्ट): ₹7,000 का सरकारी शुल्क।
मिस्त्री और लेबर चार्ज: ₹6,000 की वसूली।
पाइप एवं अन्य सामग्री: ₹6,000 का अतिरिक्त भार।
कुल जमा: ₹29,000 — सवाल यह है कि एक दिहाड़ी मजदूर या मामूली आय वाला व्यक्ति एक झटके में इतनी बड़ी रकम कहाँ से लाएगा?
PMO की शिकायत भी ‘डस्टबिन’ में!
सिस्टम की तानाशाही देखिए कि इस भारी-भरकम शुल्क के खिलाफ PMO प्रधानमंत्री कार्यालय पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। प्रधानमंत्री कार्यालय को लगा होगा कि नीचे काम हो रहा है लेकिन धनबाद नगर निगम के अधिकारियों ने PMO की शिकायत को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया। 6 महीने से आवेदन लंबित है और जवाब सिर्फ एक ही मिलता है पैसे जमा करो तब पानी मिलेगा।
पत्रकार का सवाल: योजना ‘फ्री’ है या व्यापार?
जब केंद्र और राज्य सरकारें विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च कर बताती हैं कि नल कनेक्शन निशुल्क है, तो धनबाद नगर निगम किस कानून के तहत ₹7,000 का डीडी और हजारों का अन्य खर्च मांग रहा है?
नगर आयुक्त स्पष्ट करें कि क्या जल जीवन मिशन के तहत यह शुल्क लेना वैध है
अगर कोई गरीब ₹29,000 नहीं दे पाता, तो क्या उसे प्यासा रहने का अधिकार है
क्या PMO के निर्देशों की अवहेलना करना धनबाद नगर निगम का नया शौक है
यह सिर्फ पानी का कनेक्शन नहीं बल्कि व्यवस्था की संवेदनहीनता का प्रमाण है। जब सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए ही हजारों रुपये देने पड़ें तो उसे कल्याणकारी योजना’ कहना बंद कर देना चाहिए।
विशेष रिपोर्ट, नरेंद्र जोशी की

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