विधानसभा की विशेष समिति की बड़ी कामयाबी: धनबाद में बीसीसीएल ने सरकारी खाते में जमा किए ₹220 करोड़,

विधानसभा की विशेष समिति की बड़ी कामयाबी: धनबाद में बीसीसीएल ने सरकारी खाते में जमा किए ₹220 करोड़,
₹1000 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलने की उम्मीद
रैयतों को मिलेगा पूरा मुआवजा, 200 से अधिक आवेदनों पर जांच और निष्पादन शुरू
सभापति मथुरा प्रसाद महतो की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
सिंदरी विधायक द्वारा 9 महीने पूर्व सुरंगा में एक आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा किए जा रहे ओवर बर्डन डंपिंग का मामला विधानसभा में उठाया गया था, जिसके बाद इस विशेष समिति का गठन हुआ।
धनबाद।
झारखंड विधानसभा की विशेष समिति प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण के प्रयासों से राज्य सरकार के राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। समिति की सक्रियता के कारण भारत कोकिंग कोल लिमिटेड BCCL ने धनबाद जिले में सरकारी जमीन का उपयोग करने के एवज में सरकार के खाते में 220 करोड़ रुपए का राजस्व जमा कराया है। इसके अतिरिक्त, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड CCL और ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड ECL ने भी खनन के लिए सरकारी जमीन के उपयोग की बात स्वीकारते हुए राजस्व देने पर सहमति जताई है, जिससे राज्य सरकार को 1000 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।
यह जानकारी आज धनबाद में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद समिति के माननीय सभापति सह टुंडी विधायक श्री मथुरा प्रसाद महतो ने दी। बैठक में जिले में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा रैयतों, सरकारी व फॉरेस्ट लैंड पर खनन और ओवर बर्डन OB डंपिंग की समस्या की विस्तृत समीक्षा की गई।
प्रमुख बिंदु और निर्णय:
रैयतों को मिलेगा हक और मुआवजा: सभापति ने स्पष्ट किया कि समिति का मुख्य उद्देश्य रैयतों की जमीन का पूरा मुआवजा दिलाना है। जिला प्रशासन और बीसीसीएल को निर्देशित किया गया है कि वे रैयतों की समस्याओं का सरल तरीके से निपटारा करें। बीसीसीएल ने भी रैयतों को मुआवजा देने की बात स्वीकार कर ली है।
200 से अधिक आवेदनों पर कार्रवाई: सिंदरी विधायक श्री चंद्रदेव महतो ने बताया कि रैयतों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। अब तक 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी जांच झरिया और बलियापुर के अंचल अधिकारी CO द्वारा की जा रही है।
विगत 5-6 दशकों के नुकसान का होगा आकलन: निरसा विधायक श्री अरूप चटर्जी ने कहा कि समिति का उद्देश्य राजस्व की हानि को रोकना है। पिछले 5-6 दशकों में जितनी भी सरकारी जमीन का बिना अनुमति के खनन के लिए उपयोग हुआ है, उसका आकलन कर मुआवजा वसूला जाएगा।
मामले की पृष्ठभूमि: सिंदरी विधायक द्वारा 9 महीने पूर्व सुरंगा में एक आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा किए जा रहे ओवर बर्डन डंपिंग का मामला विधानसभा में उठाया गया था, जिसके बाद इस विशेष समिति का गठन हुआ।
जनसुविधाओं और विकास कार्यों पर भी चर्चा
बैठक के दौरान क्षेत्र की जनसमस्याओं, नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता को बेहतर और ससमय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में ये रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में समिति के सदस्य व माननीय विधायकगण श्री चंद्रदेव महतो सिंदरी श्री अरूप चटर्जी निरसा श्री उमाकांत रजक चंदनकियारी एवं श्री सुदीप गुड़िया तोरपा उपस्थित थे।
प्रशासनिक व प्रबंधकीय स्तर से सिटी एसपी श्री ऋत्विक श्रीवास्तव, अनुमंडल दंडाधिकारी SDM श्री लोकेश बारंगे, अपर समाहर्ता श्री विनोद कुमार, जिला खनन पदाधिकारी श्री रितेश राज तिग्गा, बीसीसीएल के सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक तकनीकी संचालन श्री संजय कुमार सिंह सहित राजस्व विभाग, भू-अर्जन, पथ प्रमंडल, भवन निर्माण, NH, सेल SAIL मैथन पावर लिमिटेड, टाटा, डीवीसी DVC हर्ल HURL डीजीएमएस DGMS और विभिन्न आउटसोर्सिंग कंपनियों के प्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

 

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