सरायढेला पुलिस की घोर लापरवाही 2 जून से लापता 14 वर्षीय अंशिका का अब तक नहीं हुआ FIR, पीड़ित परिजन रांची में करेंगे आत्मदाह।

सरायढेला पुलिस की घोर लापरवाही 2 जून से लापता 14 वर्षीय अंशिका का अब तक नहीं हुआ FIR, पीड़ित परिजन रांची में करेंगे आत्मदाह।

धनबाद: कोयलांचल की कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र से बीती 2 जून से लापता 14 वर्षीय नाबालिग लड़की अंशिका को ढूंढना तो दूर, सरायढेला पुलिस ने अब तक इस मामले में प्राथमिकी (FIR) तक दर्ज नहीं की है। न्याय के लिए दर-दर भटक रहे पीड़ित परिजन थाना प्रभारी के टालमटोल वाले रवैये से तंग आकर अब आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हैं।
थाने के चक्कर काट-काटकर परेशान हुए परिजन, पुलिस पर रिश्वत का आरोप
लापता अंशिका के परिजन पिछले पांच दिनों से सरायढेला थाने की दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ खोखला आश्वासन मिल रहा है। परिजनों का आरोप है कि थाना प्रभारी हर रोज आज केस कर देंगे कल केस कर देंगे कहकर उन्हें टरका रहे हैं। पुलिस की इस संवेदनहीनता और टालमटोल की नीति ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि आखिर ऐसी क्या वजह है जो पुलिस एक नाबालिग लड़की के अपहरण जैसे संवेदनशील मामले में भी FIR दर्ज करने से कतरा रही है क्या पुलिस ने आरोपियों से मोटी रिश्वत ली है, या फिर इस पूरी साजिश में पुलिस की भी कोई मूक सहमति है
सिंदरी के अंकित कुमार पर भगाने का आरोप, सहेली की भूमिका भी संदिग्ध
परिजनों के अनुसार, अंशिका की उम्र महज 14 से 15 साल नाबालिग है, जिसे करीबन 19 वर्षीय अंकित कुमार नामक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। आरोपी अंकित कुमार, सिंदरी के क्वार्टर नंबर SK4-186 का निवासी है और उसके पिता का नाम अरविंद सिंह है। इस पूरे मामले में लड़की की एक सहेली गर्लफ्रेंड का नाम भी सामने आ रहा है, जिस पर परिजनों ने साजिश में शामिल होने का सीधा आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर करेंगे आत्मदाह। पीड़ित पिता की चेतावनी
सरायढेला पुलिस के इस अमानवीय रवैये से टूट चुके पीड़ित पिता ने मीडिया के सामने रोते हुए अपना दर्द और आक्रोश बयां किया। उन्होंने कहा
हम और मेरी पत्नी अब रांची जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास के पास जाकर हम दोनों आत्मदाह कर लेंगे, क्योंकि झारखंड पुलिस हमारी कोई मदद नहीं कर रही है। अगर ऐसे संवेदनहीन थाना प्रभारी को तुरंत निलंबित नहीं किया जाता और हमारी बेटी को बरामद नहीं किया जाता, तो हमारी मौत के जिम्मेदार सरायढेला थाना प्रभारी और झारखंड के मुख्यमंत्री होंगे।
बड़े सवाल कब जागेगा धनबाद पुलिस प्रशासन
एक तरफ सरकार बेटियों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ धनबाद की पुलिस एक नाबालिग लड़की के लापता होने पर पांच दिनों तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है। अगर पीड़ित माता-पिता कोई आत्मघाती कदम उठाते हैं, तो इसका जवाबदेह कौन होगा क्या धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक SSP इस मामले का संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करेंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएंगे

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000