सिंदरी में 8 घंटे चली छापेमारी पर जनता का सवाल जब बालू बंद है, तो भंवरा सुदामडीह और पूरे धनबाद में धड़ल्ले से तस्करी का जिम्मेदार कौन

सिंदरी में 8 घंटे चली छापेमारी पर जनता का सवाल जब बालू बंद है, तो भंवरा सुदामडीह और पूरे धनबाद में धड़ल्ले से तस्करी का जिम्मेदार कौन

धनबाद
सिंदरी के गौशाला बाजार स्थित टसरा नदी घाट पर अवैध बालू के खिलाफ शनिवार को प्रशासन ने करीब 8 घंटे तक मैराथन छापेमारी की। गौशाला ओपी प्रभारी शंभू नाथ सिंह, माइनिंग इंस्पेक्टर और झरिया अंचल के राजस्व कर्मचारी अभय कुमार सिन्हा व कृष्णा अमीन की मौजूदगी में 10 से 12 ट्रैक्टर बालू जब्त कर वापस नदी में डाला गया। अधिकारियों ने दावा किया कि क्षेत्र में अवैध धंधा नहीं चलने दिया जाएगा।
लेकिन, इस प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच स्थानीय जनता और जमीन से जुड़े सूत्रों ने कई ऐसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसका जवाब देने से फिलहाल अधिकारी कतरा रहे हैं।
भंवरा, बिरसा पुल और सुदामडीह-जोरापोखर में बेखौफ जारी है खेल
टसरा घाट पर हुई कार्रवाई के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने दबी जुबान और आक्रोश में बताया कि यह छापेमारी तो महज ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। असली खेल तो भंवरा बिरसा पुल सुदामडीह और जोरापोखर क्षेत्र में चल रहा है।
क्या है जमीनी हकीकत स्थानीय लोगों के अनुसार इन क्षेत्रों में रात के अंधेरे से लेकर सुबह के उजाले तक बेखौफ होकर अवैध बालू का परिवहन और तस्करी की जा रही है।
जनता की मांग त्रस्त स्थानीय जनता ने अब सीधे जिला प्रशासन और धनबाद उपायुक्त DC से मांग की है कि केवल चुनिंदा जगहों पर नहीं, बल्कि भंवरा और सुदामडीह के इन बड़े सिंडिकेट्स पर भी सीधे माइनिंग टास्क फोर्स की छापेमारी होनी चाहिए।

बड़ा सवाल जब सरकारी रोक है तो धड़ल्ले से मिल रहा बालू जिम्मेदार कौन
इस पूरी कार्रवाई के बाद कोयलांचल की जनता के बीच एक ही बड़ा सवाल तैर रहा है अगर एनजीटी NGT के नियमों के तहत या सरकारी तौर पर बालू का उठाव बंद है, तो पूरे धनबाद जिले में हर चौक-चौराहे और निर्माण साइट पर धड़ल्ले से बालू कैसे पहुंच रहा है
साठगांठ की बू: स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि बिना स्थानीय पुलिस अंचल कर्मियों और माइनिंग विभाग की कथित सहमति या ढीली निगरानी के इतने बड़े पैमाने पर रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर-हाइवा बालू पार होना मुमकिन ही नहीं है।
जनता की अदालत में प्रशासन लोग अब खुलकर पूछ रहे हैं कि कागजों पर हो रही सख्ती और जमीन पर बिक रहे अवैध बालू के इस दोहरे खेल का असली ‘जिम्मेदार’ कौन है क्या प्रशासन केवल छोटी मछलियों या लावारिस पड़े स्टॉक पर कार्रवाई कर कोरम पूरा कर रहा है, या फिर सिंडिकेट चलाने वाले बड़े मगरमच्छों पर भी हाथ डाला जाएगा
अंचल कार्यालय का दावा आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
इन सवालों के बीच झरिया अंचल के राजस्व कर्मचारी अभय कुमार सिन्हा ने मीडिया को बताया झरिया अंचल अधिकारी CO के सख्त निर्देश हैं। क्षेत्र में जहां भी अवैध बालू के भंडारण या परिवहन की सूचना मिलेगी, वहां जगह-जगह पर औचक छापेमारी की जाएगी। किसी को छूट नहीं मिलेगी।
वहीं, गौशाला ओपी प्रभारी शंभू नाथ सिंह ने भी दोहराया कि उनके क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध धंधा बर्दाश्त नहीं होगा। अब देखना यह है कि टसरा घाट की इस 8 घंटे की कार्रवाई के बाद प्रशासन भंवरा, सुदामडीह और जोरापोखर की तरफ रुख करता है या जनता के ये सवाल फाइलों में ही दफन होकर रह जाते हैं।

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