क्या अरबों की अवैध मंथली के आगे बेबस है खाकी हर तरफ तैर रहे सबूत फिर भी कुंभकर्णी नींद में सोए हैं साहब

सोनारडीह में तो खानापूर्ति पर झरिया से चासनाला तक धड़ल्ले से चल रहा अरबों का काला खेल कुंभकर्णी नींद में सोया धनबाद प्रशासन।

साहब की चौखट तक पहुंचती है अवैध मंथली या असमर्थ है खाकी सोशल मीडिया पर सबूत फिर भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ ढोंग

धनबाद जिले के सोनारडीह में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की संयुक्त टीम ने ओबी डंप के किनारे छापेमारी कर चालीस टन अवैध कोयला क्या जब्त किया स्थानीय प्रशासन ने अपनी पीठ थपथपानी शुरू कर दी अधिकारियों ने बयान जारी कर दिया कि तस्करों में हड़कंप है लेकिन सच इसके ठीक उलट है यह चालीस टन की जब्ती उस विशाल समंदर में से महज एक बूंद के बराबर है जिसे धनबाद का कोयला माफिया प्रशासन की नाक के नीचे रोज डकार रहा है सोनारडीह की इस कार्रवाई के बाद पूरा प्रशासनिक अमला एक बार फिर कुंभकर्णी नींद सो गया है
लोदना से चासनाला तक धधक रही है काली कमाई की आग
हकीकत जाननी है तो झरिया अलकडीहा तीसरा लोदना सुदामडीह और पाथरडीह थाना क्षेत्रों भंवरा ओपी बोर्रागढ़ ओपी लोदना ओपी तिसरा ओपी क्षेत्र का रुख कीजिए इन इलाकों में अवैध कोयले की चोरी और तस्करी कोई छिपी हुई बात नहीं है हर दिन स्थानीय समाचार पत्रों में इसकी खबरें प्रमुखता से छप रही हैं सोशल मीडिया पर अवैध रूप से लोड हो रहे ट्रकों ट्रैक्टरों और मोटरसाइकिल से ढोए जा रहे कोयले के वीडियो सरेआम तैर रहे हैं रास्ता तय है समय निश्चित है और सिंडिकेट का नेटवर्क भी मजबूत है इसके बावजूद अगर जिला पुलिस के मुखिया और स्थानीय थाना प्रभारी अनजान बने हुए हैं तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र की नीयत पर बड़ा सवाल खड़ा करता है
अरबों की मंथली का खेल या प्रशासनिक लाचारी
जनता और मीडिया के गलियारों में अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि यह लाचारी नहीं बल्कि सोची समझी खामोशी है आरोप लग रहे हैं कि थाना स्तर से लेकर ऊपर तक हर महीने अरबों रुपए की अवैध मंथली पहुंच रही है जब तक साहब की चौखट तक काली कमाई का हिस्सा पहुंच रहा है तब तक कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही देखने को मिलेगी एक जगह दिखावे के लिए छापा मार दिया जाता है ताकि जनता की आंखों में धूल झोंकी जा सके और ऊपरी दबाव से बचा जा सके जबकि बाकी के दर्जनों संवेदनशील इलाकों में धड़ल्ले से अवैध खनन चालू रहता है
सवाल जो खाकी को कटघरे में खड़े करते हैं
जब हर दिन सोशल मीडिया और अखबारों में तस्करी के पुख्ता सबूत और रास्ते दिखाए जा रहे हैं तो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक साहब इन थानों के प्रभारियों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं करते
क्या चालीस टन कोयला जब्त कर लेना ही कोयला माफिया के खिलाफ महा अभियान है बाकी के सिंडिकेट पर शिकंजा कब कसेगा
कोयलांचल की इस अकूत अवैध संपदा की खुली लूट में शामिल सफेदपोशों और खाकीधारियों का गठजोड़ कब टूटेगा
निष्कर्ष
धनबाद में कोयला सिर्फ खदानों से नहीं निकल रहा बल्कि यह प्रशासन के इकबाल और कानून व्यवस्था के जनाजे पर निकाला जा रहा है अगर समय रहते वरीय अधिकारियों ने इस संगठित लूट पर केवल दिखावटी नहीं बल्कि जड़ से उखाड़ने वाली कार्रवाई नहीं की तो जनता का इस पूरे तंत्र से भरोसा उठना तय है
शीर्षक के अन्य विकल्प
खोखला होता कोयलांचल चालीस टन की जब्ती सिर्फ झांकी झरिया सुदामडीह में असली खेल बाकी
धनबाद पुलिस का कुंभकर्ण मॉडल एक जगह छापा मारकर सो जाता है महकमा सोशल मीडिया पर सरेआम घूम रहे कोयला चोर
अरबों की मंथली के आगे नतमस्तक प्रशासन समाचार पत्रों में सबूत फिर भी धनबाद पुलिस की आंखें बंद

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