जंगलराज को चुनौती या रसूखदारों की गुलामी रत्ना देबनाथ के पीए तुफान दे के सामने कोर्ट कचहरी और मीडिया की औकात क्या खरदह में इंसाफ मांग रही रुमाना भट्टाचार्य को सत्ता के नशे में चूर पति की खुली धमकी, मूकदर्शक बना सिस्टम

जंगलराज को चुनौती या रसूखदारों की गुलामी रत्ना देबनाथ के पीए तुफान दे के सामने कोर्ट कचहरी और मीडिया की औकात क्या खरदह में इंसाफ मांग रही रुमाना भट्टाचार्य को सत्ता के नशे में चूर पति की खुली धमकी, मूकदर्शक बना सिस्टम

पश्चिम बंगाल में सुशासन के दावों और महिलाओं की सुरक्षा की कसमें खाने वाली सरकार के दावों की धज्जियां उड़ाता हुआ एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पानीहाटी इलाके की निवासी और बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले खरदह थाना क्षेत्र की एक गृहवधू अपने ही घर में नरक जैसी प्रताड़ना का शिकार हो रही है। यहाँ सत्ता के रसूख और घरेलू हैवानियत का ऐसा खौफनाक गठजोड़ देखने को मिला है, जिसने पूरे प्रशासनिक और न्यायिक तंत्र को घुटनों पर ला दिया है।
पानीहाटी की माननीय विधायक रत्ना देबनाथ के पर्सनल असिस्टेंट P.A. होने का दावा करने वाले पति तुफान दे के खिलाफ पीड़ित महिला रुमाना भट्टाचार्य Rumana Bhattacharjee द्वारा बैरकपुर के पुलिस कमिश्नर और खरदह थाने में लिखित शिकायत सौंपे जाने के बाद भी पुलिस की रहस्यमयी खामोशी बरकरार है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी के खिलाफ अब तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया है।
मैं विधायक रत्ना देबनाथ का पीए तुफान दे हूँ, जो उखाड़ना है उखाड़ लो कानून को खुली चुनौती
पीड़िता रुमाना भट्टाचार्य द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए जारी किए गए बयानों ने इस पूरे मामले में आग लगा दी है। आरोपी पति तुफान दे खुलेआम घूमकर न सिर्फ पीड़िता को धमका रहा है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और देश की न्यायपालिका को भी पैरों तले रौंदने की बात कर रहा है। आरोपी ने पीड़िता रुमाना को सीधे शब्दों में चुनौती दी है
मैं पानीहाटी की विधायक रत्ना देबनाथ का पीए P.A. हूँ। मुझे न तो तुम्हारी बिकाऊ मीडिया का कोई डर है न कोर्ट-कचहरी का कोई खौफ है और न ही किसी प्रशासनिक अधिकारी की इतनी औकात है कि मेरा कुछ बिगाड़ सके। जिसे भी जो करना है कर ले। अगर तुम ज्यादा बाहर निकलीं या किसी की भी मदद लेने की कोशिश की, तो मैं अपने रसूख का इस्तेमाल करके तुम सबको और तुम्हारी मदद करने वालों को ऐसे झूठे कानूनी मामलों और मुकदमों में फंसा दूँगा कि जिंदगी भर कोर्ट के चक्कर काटते-काटते बर्बाद हो जाओगी।
एक प्रताड़ित महिला को सबको कानूनी मुकदमों में फंसा देने की यह धमकी साफ दर्शाती है कि पानीहाटी की विधायक रत्ना देबनाथ के पीए होने के कारण आरोपी को सत्ता का कितना अंधा संरक्षण प्राप्त है।
खौफ का लाइव मंजर छिपकर वीडियो-फोटो बनाने को मजबूर बेबस रुमाना के जीरो टॉलरेंस के खोखले दावों के बीच प्रशासनिक नाकामी का सबसे वीभत्स रूप यह है कि पीड़िता रुमाना भट्टाचार्य आज भी अपने ही घर में कैद होकर अपनी जान बचाने के लिए तड़प रही है। पुलिस द्वारा तत्काल सुरक्षा न मिलने और आरोपी की गिरफ्तारी न होने के कारण
लाइव साक्ष्य जुटाने की बेबसी आरोपी की धौंस और पुलिस की निष्क्रियता को देखते हुए रुमाना बेहद असुरक्षित माहौल में जीने को मजबूर है। वह डर के साए में छिप-छिपकर अपने वीडियो और फोटो बना रही है, ताकि दुनिया को अपनी दर्दनाक स्थिति और पति की इस गुंडागर्दी के लाइव सबूत दे सके।
सिर पर मंडराती मौत की तलवार आरोपी पति खुलेआम घूम रहा है, जिससे पीड़िता रुमाना और उसके नाबालिग बेटे पर किसी भी वक्त जानलेवा हमले या किसी अनहोनी की तलवार लटक रही है।
पीड़ित रुमाना भट्टाचार्य के गंभीर और रूह कंपा देने वाले आरोप
रुमाना भट्टाचार्य ने लिखित शिकायत में अपने पति के खिलाफ शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण के जो आरोप लगाए हैं, वे किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने के लिए काफी हैं
वेश्यावृत्ति के लिए जबरन दबाव आरोपी पति कोई काम नहीं करता और वह एक आदतन शराबी व जुआरी है। अपनी इस काली लत को पूरा करने के लिए वह अपनी ही पत्नी रुमाना को अवैध रूप से वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलने के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहा है।
रात के अंधेरे में चॉपर से जानलेवा हमला रात के सन्नाटे में आरोपी ने घर के अंदर धारदार हथियार चॉपर निकालकर रुमाना का गला काटने की कोशिश की थी।
संपत्ति हड़पने का चक्रव्यूह वह रुमाना की आजीविका के साधन दुकानें और स्व अर्जित मकान को जबरन प्रमोटरों को बेचकर सट्टेबाजी और जुए में उड़ाना चाहता है।
विधायक की ढाल और थाने में हुआ खेल
पीड़िता रुमाना भट्टाचार्य ने पानीहाटी की माननीय विधायक रत्ना देबनाथ को भी पत्र लिखकर सीधे हस्तक्षेप की मांग की थी। क्योंकि आरोपी खुद को विधायक का पर्सनल असिस्टेंट P.A. बताकर धौंस जमाता था और अब वह खुलेआम सत्ता के संरक्षण का दावा कर कोर्ट और मीडिया को चुनौती दे रहा है।
हैरानी की बात यह है कि जब रुमाना ने हिम्मत जुटाकर खरदह थाने में शिकायत की, तो आरोपी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया और उसी रात घर लौटकर रुमाना को दोबारा बेरहमी से पीटा व उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया। रुमाना ने डर के मारे पत्र में लिखा था इसे मेरे जीवन का आखिरी पत्र समझा जाए क्योंकि मेरा पति मुझे आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर सकता है, या फिर वह मेरी हत्या भी कर सकता है।
सुशासन का ढोल बजाने वाले हुक्मरानों से तीखे सवाल
प्रशासन द्वारा राज्य में कानून का राज होने की बात रोज कही जाती है, लेकिन इस मामले में आरोपी द्वारा पानीहाटी की विधायक रत्ना देबनाथ के पीए P.A. तुफान दे के रूप में नाम भंजाकर कोर्ट मीडिया और प्रशासन को दी गई यह खुली चुनौती स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गहरा दाग लगाती है।
क्या खरदह थाने की पुलिस वाकई आरोपी के इस कथित राजनीतिक रसूख और धमकी के आगे नतमस्तक हो चुकी है पीड़िता रुमाना भट्टाचार्य द्वारा खुद अपनी बदहाली के वीडियो और फोटो बनाकर जारी करना इस बात का जीता-जागता सबूत है कि सिस्टम ने उसे मरने के लिए उसके हाल पर छोड़ दिया है। जनता अब शासन से यह तीखा सवाल पूछ रही है कि इस बुलंद हौसले वाले हैवान को सलाखों के पीछे कब भेजा जाएगा क्या इंसाफ के लिए किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है

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