बिजली संकट से सुलग रहा डिगवाडीह-चासनाला: 24 घंटे में व्यवस्था न सुधरने पर उग्र आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी, सुप्रीम कोर्ट से 2 करोड़ के जुर्माने व अफसरों को बर्खास्त करने की मांग

बिजली संकट से सुलग रहा डिगवाडीह-चासनाला: 24 घंटे में व्यवस्था न सुधरने पर उग्र आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी, सुप्रीम कोर्ट से 2 करोड़ के जुर्माने व अफसरों को बर्खास्त करने की मांग
​धनबाद: डिगवाडीह और चासनाला क्षेत्र में बिजली विभाग के घोर कुप्रबंधन और चरमराती बिजली व्यवस्था ने जन आक्रोश को विस्फोट की कगार पर पहुंचा दिया है। डिगवाडीह फिटर क्षेत्र में आए दिन आने वाले छोटे-छोटे फॉल्ट को सुधारने में विभागीय कर्मी और मिस्त्री पूरी तरह नकारा साबित हो रहे हैं। नियमित बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद क्षेत्र के लोगों को पूरी-पूरी रात भीषण उमस और अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। विभागीय लापरवाही से तंग आकर बीते दिनों स्थानीय ग्रामीणों ने मध्य रात्रि 12 बजे से सुबह 3 बजे तक सिंदरी-धनबाद मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर उग्र प्रदर्शन किया था।
​स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि छापामारी करने और बिल वसूलने में बिजली विभाग की टीम सबसे आगे रहती है, लेकिन जब सुचारू बिजली आपूर्ति बहाल करने की बात आती है तो एसडीओ से लेकर निचले स्तर के मिस्त्री तक फोन उठाना बंद कर देते हैं। झारखंड सरकार द्वारा 24 घंटे निर्बाध और फ्री बिजली देने के बड़े-बड़े दावों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अधिकारियों की इस अकर्मण्यता से तंग आकर चासनाला से लेकर डिगवाडीह तक की जनता ने धनबाद के बिजली अभियंता और महाप्रबंधक (GM) को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ तो वे सड़क जाम, तोड़फोड़ और आगजनी जैसे उग्र कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जवाबदेही बिजली प्रबंधन की होगी।
​रात-रात भर बिजली गायब रहने के कारण लोग गंभीर मानसिक तनाव और अनिद्रा का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताते हुए बताया कि इस मार्ग पर भारी वाहनों के चालक, ऑटो ड्राइवर, बाइक सवार और रोजाना स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे मासूम बच्चे सफर करते हैं। रात में नींद पूरी न होने के कारण भारी वाहन चलाते समय चालकों को झपकी आ जाने से कभी भी भयावह सड़क दुर्घटना हो सकती है और कई जिंदगियां तबाह हो सकती हैं।
​आक्रोशित जनता ने बिजली विभाग की इस जानलेवा लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) से मांग की है कि ऐसी लापरवाही पर बिजली विभाग पर 2 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाए। इसके साथ ही डिगवाडीह और धनबाद के गैर-जिम्मेदार बिजली अधिकारियों व कर्मियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड कर बर्खास्त किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो पूरा क्षेत्र अनिश्चितकालीन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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