जोशी न्यूज़ की खबर का बड़ा असर, रिश्वत और ठेकेदारी के खेल में 100 फीट नाली ध्वस्त JE कार्तिक उपाध्याय का करारा जवाब घटिया काम किया तो पूरा तुड़वा देंगे

जोशी न्यूज़ की खबर का बड़ा असर, रिश्वत और ठेकेदारी के खेल में 100 फीट नाली ध्वस्त JE कार्तिक उपाध्याय का करारा जवाब घटिया काम किया तो पूरा तुड़वा देंगे

विशेष पड़ताल जोशी न्यूज़ के लिए नरेंद्र जोशी
सिंदरी धनबाद नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 52, 53, 54 और 55 में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है। चारों वार्डों में नाली निर्माण के नाम पर ठेकेदार और बिचौलिए अपनी मनमर्जी से घटिया निर्माण करवा रहे थे। लेकिन जोशी न्यूज़ द्वारा इस फर्जीवाड़े की परतें उधेड़े जाने के बाद सो रहा नगर निगम प्रशासन अचानक हरकत में आ गया।
खबर का ऐसा असर हुआ कि कनिष्ठ अभियंता JE कार्तिक उपाध्याय खुद सिंदरी नगर निगम कार्यालय के ठीक बगल में चल रहे निर्माण स्थल पर पहुंचे। सीमेंट में मिट्टी युक्त बालू मिलाने और मानकों की धज्जियां उड़ाने की पोल खुलते ही जेई ने सख्त रुख अपनाया और अपनी मौजूदगी में मजदूरों को लगवाकर लगभग 100 फीट नवनिर्मित नाली को हाथों-हाथ तुड़वा दिया।
ठेकेदारों का सनसनीखेज कबूलनामा
इस कार्रवाई के बाद ठेकेदारों का दर्द और भ्रष्टाचार की कड़वी सच्चाई भी सामने आ गई। ठेकेदारों का कहना है कि वे सरकारी टेंडर 20 प्रतिशत बिलो पर उठाते हैं। ऊपर से हर टेबल के नीचे नजराना चढ़ाना पड़ता है, चाहे वह नगर निगम का दफ्तर हो, स्थानीय नेताओं की जेब हो या कुछ दलाल किस्म के पत्रकार हों। जब हर जगह कमीशन बांटना पड़ेगा, तो काम की क्वालिटी कहां से लाएंगे। मैनेज करने के लिए मिट्टी वाला बालू और घटिया मटेरियल इस्तेमाल करना उनकी मजबूरी है।
ठेकेदारों के इस बयान ने यह साबित कर दिया है कि वार्ड 52 से 55 तक चल रहे निर्माण कार्यों में किस कदर कमीशन खोरी का घुन लगा हुआ है।
JE कार्तिक उपाध्याय का दोटूक जवाब
ठेकेदारों के आरोपों और भ्रष्टाचार के इस गठजोड़ पर जेई कार्तिक उपाध्याय ने बिना किसी झिझक के कड़ा प्रहार किया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि कौन क्या खाता है या क्या मैनेज करता है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। उनके प्रभार वाले वार्डों में कहीं भी घटिया निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई ठेकेदार गलत काम करेगा, तो उसकी बनाई नाली ऐसे ही तुड़वाई जाएगी और उसी के पैसों से दोबारा बनवाई जाएगी। झारखंड सरकार ने उन्हें जनता का पैसा सही काम में लगाने के लिए रखा है, ठेकेदारों की मनमानी सहने के लिए नहीं।
जोशी न्यूज़ का बड़ा सवाल
नगर निगम दफ्तर के ठीक बगल में जब इतनी बड़ी धांधली हो रही थी, तो क्या वार्ड 52, 53, 54 और 55 में हो रहे अन्य कामों की भी निष्पक्ष जांच होगी क्या टेबल के नीचे रिश्वत लेने वाले अधिकारियों और नेताओं पर कार्रवाई होगी, या फिर केवल नाली तोड़कर खानापूर्ति कर ली जाएगी?
जोशी न्यूज़ की नज़र इस भ्रष्टाचार के खेल पर लगातार बनी रहेगी।

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