चासनाला दामोदर नदी में डूबी वृद्धा रानी देवी का शव तीन दिन बाद गौशाला घाट से बरामद, परिजनों में पसरा मातम

चासनाला दामोदर नदी में डूबी वृद्धा रानी देवी का शव तीन दिन बाद गौशाला घाट से बरामद, परिजनों में पसरा मातम

धनबाद चासनाला पितृपक्ष के मौके पर तर्पण करने घर से निकलीं 65 वर्षीया रानी देवी की नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के तीसरे दिन यानी 1 अक्टूबर की सुबह उनका शव गौशाला बाजार स्थित दामोदर नदी के छठ घाट टासरा घाट के पास पत्थरों के बीच फंसा हुआ मिला। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रानी देवी अपने छोटे पुत्र के साथ धनबाद के बिशनपुर, न्यू भागा पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित दुर्गा मंदिर के समीप निवास करती थीं। उनके पति स्वर्गीय नागेश्वर प्रसाद चासनाला सेल में कार्यरत थे। पति के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर उनके बड़े पुत्र जितेंद्र कुमार सिन्हा को सेल SAIL में नौकरी मिली थी, जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल के बर्नपुर में पदस्थापित हैं।
परिजनों ने बताया कि 28 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे रानी देवी यह कहकर घर से निकली थीं कि चासनाला में उनका पुराना क्वार्टर है और वह वहीं जाकर दामोदर नदी घाट पर पितृपक्ष का तर्पण करेंगी। चासनाला में नदी स्नान के दौरान पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से वह गहरे पानी में बह गईं। घटना के बाद से ही परिजन और स्थानीय लोग उनकी खोजबीन में जुटे थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
1 अक्टूबर की सुबह गौशाला बाजार के टासरा दामोदर नदी तट पर स्थानीय लोगों ने पत्थरों में एक महिला का शव फंसा देखा। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही गौशाला ओपी प्रभारी शंभू नाथ सिंह पुलिस बल के साथ सुबह करीब 9 बजे घटनास्थल पर पहुंचे और शव को नदी से बाहर निकाला। पहचान होने पर परिजनों को इसकी सूचना दी गई।
ओपी प्रभारी शंभू नाथ सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल SNMMCH भेज दिया है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव उनके बड़े पुत्र जितेंद्र कुमार सिन्हा और परिजनों को सौंप दिया गया। इस दुखद घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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