धनबाद में अदालत के आदेश की अवहेलना, राधेश्याम अग्रवाल से केस हारने के बाद भी शिबू अग्रवाल ने सात वर्षों तक बनाए रखा अवैध कब्जा, पुलिस बल की मौजूदगी में कोर्ट नजीर ने खाली कराई राशन दुकान

धनबाद में अदालत के आदेश की अवहेलना, राधेश्याम अग्रवाल से केस हारने के बाद भी शिबू अग्रवाल ने सात वर्षों तक बनाए रखा अवैध कब्जा, पुलिस बल की मौजूदगी में कोर्ट नजीर ने खाली कराई राशन दुकान

धनबाद (30 सितंबर 2026):

न्यायालय से अंतिम फैसला आ जाने के बाद भी यदि किसी व्यक्ति को अपनी ही जायदाद का कब्जा प्राप्त करने के लिए सात वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़े, तो यह प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। धनबाद के चर्चित गौशाला बाजार क्षेत्र में अदालत के आदेशों को ठेंगा दिखाने का एक बेहद गंभीर मामला उजागर हुआ है, जहाँ केस हारने के बावजूद एक पक्ष ने वर्षों तक व्यावसायिक दुकान पर जबरन अपना कब्जा जमाए रखा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौशाला बाजार स्थित एक प्रमुख राशन-किराना दुकान को लेकर वर्ष 2012 में धनबाद सिविल कोर्ट में टाइटल सूट दायर किया गया था। अदालत में चली लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों को परखने के बाद वर्ष 2019 में न्यायालय ने राधेश्याम अग्रवाल के पक्ष में अपना अंतिम फैसला सुनाया और डिक्री जारी कर दी। इस कानूनी लड़ाई में विपक्षी शिबू अग्रवाल अदालत में केस हार गए थे। कानूनन वर्ष 2019 में ही दुकान का वास्तविक मालिकाना हक और कब्जा राधेश्याम अग्रवाल को मिल जाना चाहिए था।

हालाँकि, केस हारने के बावजूद शिबू अग्रवाल ने धनबाद कोर्ट के आदेशों की सरेआम अवहेलना करते हुए दुकान को खाली करने से साफ इंकार कर दिया। वर्ष 2019 से लेकर वर्ष 2026 तक, यानी पूरे सात सालों तक उक्त दुकान पर अवैध कब्जा बरकरार रखा गया और वादी राधेश्याम अग्रवाल को उनके कानूनी अधिकार से वंचित रखा गया।

अंततः न्यायालय द्वारा सख्त रुख अपनाए जाने और निष्पादन प्रक्रिया शुरू करने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। आज, 30 सितंबर 2026 को दोपहर 11:00 बजे से 3:00 बजे तक धनबाद कोर्ट के नजीर की देखरेख में भारी पुलिस बल के साथ दुकान खाली कराने की प्रक्रिया लगातार चलती रही। करीब चार घंटे तक चली इस प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में नजीर ने शिबू अग्रवाल के अवैध कब्जे से राशन-किराना दुकान को पूर्णतः खाली करवाया और विधिवत रूप से दुकान का भौतिक कब्जा असली मालिक राधेश्याम अग्रवाल को सौंप दिया। कार्रवाई के दौरान गौशाला बाजार परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

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