भू-अर्जन प्रक्रिया पर रोहड़ाबांध के ग्रामीण ने उठाये सवाल, निष्पक्ष जांच व मुआयजा रोकने की मांग

भू-अर्जन प्रक्रिया पर रोहड़ाबांध के ग्रामीण ने उठाये सवाल, निष्पक्ष जांच व मुआयजा रोकने की मांग

धनबाद। टासरा ओपन कास्ट परियोजना के तहत रोहड़ाबांध झरिया स्थित जमीन के भू-अर्जन की अधिसूचना के बाद मालिकाना हक को लेकर विवाद सामने आया है। रोहड़ाबांध निवासी दिलीप मंडल ने भू-अर्जन परियोजना पदाधिकारी, धनबाद को एक आवेदन सौंपकर अधिग्रहित की जा रही जमीन के कागजातों की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार का मुआवजा भुगतान रोकने की मांग की है।
अखबार में प्रकाशित नाम पर आपत्ति
दिलीप मंडल पिता: स्व. गणेश मंडल) का कहना है कि मौजा रोहड़ाबांध मौजा नं. 169, खाता संख्या 24, प्लॉट संख्या 4679 की कुल 1.36 एकड़ जमीन में से 1.00 एकड़ जमीन का मालिकाना हक अखबार में प्रकाशित अधिसूचना में बीरेन्द्र कुमार अग्रवाल, महेन्द्र कुमार अग्रवाल, प्रदीप कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल एवं विकाश कुमार अग्रवाल (पिता: स्व. गजानन्द अग्रवाल) के नाम से दर्शाया गया है। आवेदक के अनुसार यह विवरण गलत है तथा शेष 0.36 एकड़ जमीन ‘अज्ञात’ दर्ज की गई है।
जमीन पर कब्जे और खेती का दावा
आवेदक ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि जिन व्यक्तियों के नाम अखबार में दिए गए हैं, वे उनके गांव के निवासी ही नहीं हैं। दिलीप मंडल का दावा है कि उक्त संपूर्ण जमीन पर उनका ही दखल-कब्जा है और वे नाला के पानी से वहां वर्षों से खेती करते आ रहे हैं।
दस्तावेजों की जांच और भुगतान रोकने की अपील
आवेदन में मांग की गई है कि बीरेन्द्र कुमार अग्रवाल व अन्य को 1 एकड़ जमीन किस आधार पर मिली, उससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि जब तक जमीन के सभी दस्तावेजों की पूर्ण रूप से जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी भी पक्ष को राशि का भुगतान न किया जाए और मामले पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

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