बारिश, व्रत और संकल्प: धनबाद में मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनवाड़ी बहनें, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

बारिश, व्रत और संकल्प: धनबाद में मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनवाड़ी बहनें, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

धनबाद

मुसलाधार बारिश, मनसा पूजा के संजोत और सावन की सोमवारी के कठिन व्रत के बावजूद धनबाद की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हौसले डगमगाए नहीं। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सोमवार को देशव्यापी आंदोलन के तहत धनबाद जिले के सभी प्रखंडों की आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों के त्वरित और स्थायी समाधान की हुंकार भरी है।

मुख्य मांगें

स्कीम वर्कर को औपचारिक मजदूर की श्रेणी में शामिल करते हुए चार श्रम संहिताओं के तहत सामाजिक सुरक्षा दी जाए तथा न्यूनतम मजदूरी तीस हजार रुपये प्रति माह तय की जाए।

इसके अलावा ई.पी.एफ., ग्रेच्युटी, बोनस और पूरे परिवार के लिए स्वास्थ्य सुविधा लागू करने की मांग की गई। सेवानिवृत्ति पर सेविका को दस लाख तथा सहायिका को पांच लाख रुपये का एकमुश्त लाभ देने, सेवाकाल में मृत्यु होने पर आश्रित बहू या बेटी को सीधे पद पर बहाल करने और आर्थिक सहायता देने की बात रखी गई।

साथ ही उम्र सीमा की बाध्यता खत्म कर पदोन्नति देने और नई शिक्षा नीति के तहत योग्यता व अनुभव के आधार पर शिक्षिका पद पर सीधी बहाली की मांग उठाई गई।

एकजुटता और आभार

संघ की जिला अध्यक्ष साधना रानी और जिला सचिव ऊषा देवी ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से साधना जी, रीता जी, एनीमा महतो, शगुफ्ता इस्मत, हाजरा खातून, रीता सिंह, मनोरमा शालिनी और जिले भर की सभी जांबाज बहनों के जज्बे को सलाम किया।

नेतृत्व ने कहा कि कठिन परिस्थितियों और निर्जला व्रत के बावजूद बहनों की यह ऐतिहासिक भागीदारी साबित करती है कि हक की लड़ाई में अब कोई रुकावट आड़े नहीं आ सकती। यदि यही एकजुटता बनी रही, तो जीत तय है।

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