विश्व हिंदीदिवस के पावन अवसर पर, डायस्पोरा सर्जक- रमेश पटेल(आकाशदीप) -‘ “विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि” से विभूषित।

विश्व हिंदीदिवस के पावन अवसर पर, डायस्पोरा सर्जक- रमेश पटेल(आकाशदीप) -‘ “विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि” से विभूषित।

नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन, संस्थापक अध्यक्षश्री आनंद गिरि मायालु द्वारा, हिंदी दिवस 14 सितंबर,२०२५ के सन्दर्भ में, अंतरराष्ट्रीय स्तर की, विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिताका आयोजन किया गया था।

 

जल थल नभमें गंध ही बारूदकी, कहॉं करे पुष्पोंकी बातें।

बन बैठा है पागलपन ही, राज चलाने मानी छलसे॥

 

क्यों हो रहा है ऐसा भाई, अब जाके किससे पूछें।

बेबस हो गये ये ऑंसु , देना दर्द ही बनते अफसानें॥

 

अमरिका स्थित डायस्पोरा सर्जक/ कवि रमेश पटेल(आकाशदीप) को , उनकी उत्कृष्ट रचना- “बात इन्सानियतकी लगे परायी” के लिए, चयन करके, “विश्व हिन्दी रत्न मानद् उपाधि” से सम्मानित किया गया है। देश-विदेशके हज़ारों, प्रतिभाशाली सहभागिता सर्जकोंकी रचनाओमेंसे, २६५ उत्कृष्ट कविताओंका चयन किया गया है। नेपाल सम्मान उसी का होता है, जिसने समाज के लिए, किसी भी माध्यम से कुछ रचनात्मक कार्य किया हो।

अंतरराष्ट्रीय फलक पर, गुजरात चारुतर पंथक, खेड़ा जिलाके गॉंव महिसाके निवासी, कैलिफ़ोर्निया (अमरीका) स्थित, डायस्पोरा सर्जक- कवि रमेश पटेल(आकाशदीप).. अपनी राष्ट्रप्रेमयुक्त, मानवीय संवेदना सभर और कुदरती सौंदर्यकी उपासनासे भरपूर, कविता संपदासे ख्यात है। अपनी कलमसे

कवि जगतमें “ आकाशदीप”ने बहुत लोकचाहना प्राप्तकी है। रमेश पटेल आकाशदीप* को, नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशनसे, “विश्व प्रतिभा अंतरराष्ट्रीय सम्मान 2025” से भी सम्मानित होनेका गौरव प्राप्त है।

ज्ञात हो कि बहुमुखी प्रतिभाके धनी, रिटायर्ड कार्यपालक इजनेर(गु.वि.मंडल), अपनी कलम प्रतिभासे, तीन बार ग्रीनीच विश्व विक्रम अंकित पुस्तकमें सहभागी होकर, यशनामी हुअे है। कविकी भारतीय संस्कृति/ प्रकृति पर लोकप्रिय उत्कृष्ट रचनाओं, अनेक स्वरकारोंके कंठसे यु ट्युब पर गुंजन कर , यशभागी बना रही है। मातृभाषा गुजराती, हिन्दी , संस्कृत और अंग्रेज़ी भाषा साहित्य अध्ययनसे , उनकी सर्जन चाहत, निरंतर नव पल्लवित होती रही है। सात गुजराती काव्य संग्रह और अनेक हिन्दी साँझा प्रकाशन से भी कवि गौरवान्वित है।

 

संस्थाके अध्यक्ष श्री आनंद गिरि मायुलाजीने, प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए, शुभेच्छा संदेशमें कहा है कि -कवि कवयित्रियों की कविता का मूल्यांकन अंतर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा होना, गौरव का विषय है।अपनी ये हिंदी विश्व भाषा बन चुकी है।

नेपाल और भारतके बीच सामाजिक तथा सांस्कृतिक संबंध सुदृढ़ करने, देश विदेश की साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा देवनागरी लिपि के संरक्षण संवर्द्धन के उद्देश्यसे, विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता का, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर , आयोजन किया गया है।

 

सभी सहभागी रचनाकारों की औरसे , रमेश पटेल(आकाशदीप)ने, अध्य़श्रीका आभार प्रकट करते हुए प्रसन्नता व्यक्तकी-“, हम जैसे हजारों हिन्दी भाषा प्रेमी कवि तथा लेखकों को प्रोत्साहन मिला है, सहभागी होनेसे, हम सब गौरवान्वित महेसूस कर रहे हैं।

 

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लुंबिनी, ब्यूरो रिपोर्ट। माहिती संकलन/ प्रेषक

– रमेश पटेल(आकाशदीप)

डायस्पोरा सर्जक( अमरिका)

 

डॉ गुलाब चंद पटेल

अध्यक्ष गाँधी नगर साहित्य सेवा संस्थान गुजरात

MO 8849794377

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