सेल टासरा प्रोजेक्ट के KTMPL के कर्मचारी एवं विस्थापित के साथ धक्का मुक्की हुई।

सेल टासरा प्रोजेक्ट के KTMPL के कर्मचारी एवं विस्थापित के साथ धक्का मुक्की हुई।

बलियापुर अंचल क्षेत्र के आसनबनी में सेल टासरा प्रोजेक्ट के विस्थापित रैयतों के पुनर्वास को लेकर आवास निर्माण कार्य को लेकर सोमवार को बवाल हुआ। इसमें सेल की संवेदक कंपनी केटीएमपीएल के कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच धक्का मुक्की हुई और ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा।
इस विवाद के बाद बलियापुर अंचलाधिकारी मुरारी नायक के साथ पुलिस बल घटनास्थल पर पहुँचे और मामले को शांत कराया। इसके बाद अंचलाधिकारी कार्यालय में अंचलाधिकारी की मध्यस्थता पर ग्रामीण और केटीएमपीएल कर्मचारियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता के बाद अंचलाधिकारी मुरारी नायक ने बताया कि आसनबनी के मात्र 8 रैयतों ने अपना जमीन सेल प्रबंधन को नहीं दिया है। उन ग्रामीणों ने इस अधिग्रहण प्रक्रिया का विरोध करते हुए मुआवजा राशि भी नहीं प्राप्त की है। सोमवार को केटीएमपीएल के कर्मचारियों द्वारा अधिग्रहित जमीन पर कार्य के दौरान ग्रामीणों के साथ धक्का मुक्की हुई है। इसपर विवाद बढ़ने पर वार्ता में तय किया गया है कि सेल द्वारा अधिग्रहित नहीं किए गए जमीन की नापी कर अलग कर दिया जाएगा। बाकी अधिग्रहण किए गए जमीनों पर केटीएमपीएल आवास और अन्य सुविधाओं के लिए निर्माण कार्य शुरू करेगी।
सोनोत संथाल समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष सनातन सोरेन ने बताया कि ग्रामीणों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीण अधिग्रहित नहीं किए गए जमीन पर कार्य करने को लेकर विरोध कर रहे थे। जमीन की नापी के बाद केटीएमपीएल अधिग्रहित जमीन पर कार्य कर सकती है।
वार्ता में केटीएमपीएल के विजय शर्मा और मनीष कुमार, सोनोत संथाल समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष सनातन सोरेन, रतन टुडू सहित आसनबनी के ग्रामीण मौजूद थे।
वही विजय शर्मा ने बताया हम अपना अधिकरण किया हुआ जमीन पर कार्य करने के लिए हमारे स्टाफ लोग और हम लोग गए थे तभी अचानक ग्रामीण लोगों ने हमारे साथ धक्का मुक्का कर दिया यह लड़ाई हमारा नहीं है मगर गांव वाले हमारे साथ ढाका मुखी कर दिए।
वहीं कुछ ग्रामीणों ने बताया हमेशा KTMPL कंपनी द्वारा हम लोगों का साथ मारपीट गाली गलौज एवं कि केस मुकदमा करते रहते हैं। हम लोग आदिवासी है एक टाइम खाना बनाते हैं तो एक टाइम सोते हैं खाएंगे क्या हम लोग इन लोगों के साथ क्या मारपीट कर सकेंगे पूर्व में भी आपने देखा होगा जिस अंचल अधिकारी ने लाठी चार्ज करवाया था वही अंचल अधिकारी को एसडीएम बना दिया गया झारखंड सरकार द्वारा।

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