कांड्रा एफसीआई गोदाम के श्रमिक माँगने गए बकाया वेतन, मिल गया काम में बँटवारा

कांड्रा एफसीआई गोदाम के श्रमिक माँगने गए बकाया वेतन, मिल गया काम में बँटवारा

सिंदरी । कांड्रा स्थित एफसीआई गोदाम में दो महीने के बकाया वेतन को लेकर ठेकाश्रमिकों ने मंगलवार से हड़ताल कर दिया था। इससे लगभग 9 ट्रकों में लोड 10 टन खाद्यान्न अनलोड नहीं हो सका और चालकों व सहचालकों को काफी ठंड में इसकी सुरक्षा करनी पड़ी। हालांकि बुधवार की देर रात संवेदक विष्णु कांत पाठक द्वारा ₹ 6.25 की दर से 28 श्रमिकों का बकाया वेतन भुगतान कर दिया।
भुगतान के बाद गुरुवार को श्रमिक ट्रकों में लदे खाद्यान्न अनलोड करने पहुँचे तो झामुमो के बैनर तले स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। स्थानीय लोगों ने माँग की है कि एफसीआई गोदाम हमारी जमीन पर बनी है और इसमें स्थानीय लोगों की उपेक्षा कर बाहरी मजदूरों से काम कराया जा रहा है। इसलिए जबतक स्थानीय लोगों को काम पर नहीं रखा जाता है, तबतक काम बंद रखा जाएगा। इसको लेकर झामुमो महानगर सचिव रामू मंडल ने एफसीआई गोदाम एजीएम कार्यालय में बैठक कर स्थानीय लोगों को भी काम में रखने का आवाज बुलंद किया। इसको लेकर पुराने श्रमिकों और स्थानीय लोगों के बीच एजीएम जयदीप गिरी और संवेदक के तथाकथित पार्टनर राजकुमार साव की उपस्थिति में जबरदस्त कहासुनी हुई।
झामुमो महानगर सचिव रामू मंडल ने बताया कि संवेदक से सहमति बन गई है कि पुराने 28 मजदूरों के साथ स्थानीय लोग भी खाद्यान्न लोडिंग व अनलोडिंग का काम करेंगे। पुराने व नये श्रमिकों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर संवेदक को देना होगा।
एफसीआई गोदाम में कार्यरत 28 ठेकाश्रमिकों का नेतृत्व कर रहे सहदेव यादव ने बताया कि संवेदक हमलोगों से काम छीनकर स्थानीय लोगों को देना चाहता है। उन्होंने कहा कि संवेदक ने सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का बकाया राशि लगभग 10 लाख रुपए का भुगतान अभी तक नहीं किया है। ऐसी स्थिति में काम पर हड़ताल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बकाया भुगतान नहीं होने पर किसी भी कीमत पर अनलोडिंग नहीं होने दिया जाएगा।
एफसीआई गोदाम के एजीएम जयदीप गिरी ने बताया कि खाद्यान्न गुरुवार को भी अनलोडिंग नहीं हो पाया है। स्थिति जस का तस बनी हुई है।

 

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000