परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म और कर्म है : अभय कुमार सिन्हा, रमेश सिंह।

परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म और कर्म है : अभय कुमार सिन्हा, रमेश सिंह।

शनिवार को हल्का पांच के कर्मचारी रमेश सिंह। झरिया। झरिया के विभिन्न क्षेत्रों में कम्बल वितरण हो रहा है, जिसमें रोड में मंद बुद्धि एवं बूढ़े – बुजुर्ग को घर जाकर अंचल अधिकारी एवं कर्मचारी या झरिया अंचल के अभय कुमार सिन्हा, नाजीर बाबू एवं मनोज कुमार ओझा साथ थे। सभी जगह पर कम्बल वितरण करते टीम को देखा गया। बढ़ती ठंड को देखते हुए झारखंड सरकार द्वारा कम्बल वितरण का आयोजन हो रहा। मगर इस बार कुछ अलग ही तरीका से कम्बल वितरण हो रहा जिसमें यह बहुत ही खुशी की माहौल लोगों में है। इस बार कम्बल वितरण करके जीपीएस फोटो भी उच्च अधिकारी द्वारा मांगा जा रहा, जिसमें कोई व्यक्ति मिसयूज ना कर सके।

झरिया अंचल अधिकारी ने अपने वक्तब्य में एक सबसे अच्छी बात कही कि इंसानियत एवं परोपकार के लिए धर्म एवं मजहब देखना ही सबसे बड़ा गुनाह है, मेरी राय में जब जहाँ मौका मिले गरीब, मजलूम, असहाय, मजबूर लोगों की मदद करें, यही सबसे बड़ा धर्म एवं कर्म है। रमेश सिंह एवं रियाज अहमद कमल वितरण में थे

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