सिंदरी एसडीपीओ कार्यालय पर पिछले 2018 वर्ष में कैंडल मार्च किए जाने पर कथित सरकारी कामकाज में बाधा,

सिंदरी एसडीपीओ कार्यालय पर पिछले 2018 वर्ष में कैंडल मार्च किए जाने पर कथित सरकारी कामकाज में बाधा, तोड़फोड़ आदि के आरोप में मुकदमा चल रहा था। बीते मंगलवार को माननीय सुरेश उरांव की अदालत ने सभी 16 आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बाइज़्ज़त बरी कर दिया।

मुकदमें के आरोप से बाइज़्ज़त बरी होने पर सीपीएम के जिला सचिव कामरेड विकास कुमार ठाकुर ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सिंदरी में वर्ष 2018 में अपराधिक घटनाओं में वृद्धि होने पर यहां के राजनैतिक और सामाजिक संगठनों ने एक जुट होकर विरोध किया था, परिणामस्वरूप सिंदरी पुलिस ने किसी पूर्वाग्रह से 16 व्यक्तियों पर झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। सिंदरी एसडीपीओ प्रमोद केसरी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए झूठे मुकदमें में सामाजिक कार्य कर रहे लोगों को फंसाया। इस मुकदमे से सामाजिक कार्य कर रहे आम लोगों में थोड़ी घबराहट जरूर हुई, किन्तु न्यायालय पर पूरा भरोसा था इसलिए परिणामस्वरूप कोई साक्ष्य नहीं मिला और बरी किए गए

विकास कुमार ठाकुर ने कहा कि यदि आम जनता का सवाल उठाने और क्षेत्र में कानून व्यवस्था खराब होने पर सवाल खड़ा करने और आंदोलन करने पर यदि मुकदमा किया जाएगा तो ऐसे मुकदमे से हमलोग घबड़ाते नहीं है और जब भी इस तरह की घटना कहीं होगी तो इसका विरोधस्वरूप आंदोलन जरूर करेंगे इसके लिए जितना भी मुकदमा करे सभी मुकदमों के खिलाफ संघर्ष करेंगे।

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