धनबाद सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी से जुड़ी ताजा समाचार।

धनबाद सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी से जुड़ी ताजा समाचार।

आज, बुधवार 25 फरवरी को सुबह करीब 11:00 बजे, धनबाद सिविल कोर्ट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। इस मेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में RDX प्लांट किया गया है और इसे जल्द ही बम से उड़ा दिया जाएगा।

प्रशासनिक कार्रवाई:

अफरातफरी: धमकी की खबर मिलते ही कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत पूरे परिसर को खाली कराया गया।

सर्च ऑपरेशन: सूचना मिलते ही धनबाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

सुरक्षा घेरा: वर्तमान में कोर्ट परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और एहतियातन कोर्ट का काम रोक दिया गया है।

कौन है जिम्मेदार?

जैसा कि आपने पूछा कि इसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है या ‘नजन’ (जनता), मौजूदा स्थिति के अनुसार:

अज्ञात शरारती तत्व (Cyber Criminals): प्राथमिक तौर पर यह किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा किया गया ‘होक्स कॉल’ या ‘फेक ईमेल’ लग रहा है। जांच एजेंसियां अब उस IP एड्रेस को ट्रैक कर रही हैं जिससे ईमेल भेजा गया था।

पुलिस की जिम्मेदारी: हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिसर खाली कराया, लेकिन इस तरह के मेल का आना सुरक्षा और खुफिया तंत्र (Intelligence) के लिए एक चुनौती है। हाल ही में पश्चिम बंगाल के आसनसोल और सिउड़ी कोर्ट को भी इसी तरह की धमकियां मिली हैं, जो किसी बड़े नेटवर्क या सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करती हैं।

जनता (नजन) की भूमिका: अक्सर समाज में डर फैलाने के लिए कुछ लोग ऐसी अफवाहें उड़ाते हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

अभी तक की जांच में यह एक अफवाह (Hoax) साबित हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं। धनबाद SSP ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या आप इस मामले में पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR या सुरक्षा के नए नियमों के बारे में और जानकारी चाहते हैं?

 

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