झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 23 कैदियों की रिहाई को दी मंजूरी, पुनर्वास के लिए दिए कड़े निर्देश

झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 23 कैदियों की रिहाई को दी मंजूरी, पुनर्वास के लिए दिए कड़े निर्देश

रांची, 2 मार्च 2026 झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद State Sentence Review Board की 36वीं बैठक संपन्न हुई। रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की विभिन्न जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 23 कैदियों को समय-पूर्व रिहा करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी।

प्रमुख निर्णय और समीक्षा प्रक्रिया बैठक के दौरान कुल 34 मामलों पर बिंदुवार गहन विचार-विमर्श किया गया। इनमें कुछ नए मामले और कुछ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए मामले शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कैदियों की रिहाई का निर्णय लेने से पहले निम्नलिखित पहलुओं की समीक्षा की:

कैदियों के अपराध की प्रवृत्ति और जेल में उनका आचरण।संबंधित अदालतों, जिला पुलिस अधीक्षकों SP, जेल अधीक्षकों और प्रोबेशन अधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्ट।

यह सुनिश्चित किया गया कि रिहाई न्यायिक नियमों और सामाजिक सुरक्षा के मानकों के अनुरूप हो। सामाजिक पुनर्वास पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जेल से रिहाई केवल प्रक्रिया का अंत नहीं, बल्कि उनके नए जीवन की शुरुआत होनी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए. सरकारी योजनाओं का लाभ: रिहा होने वाले कैदियों को तुरंत सरकार की कल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (जैसे राशन कार्ड, पेंशन आदि) से जोड़ा जाए।  आय सृजन Income Generation उनके लिए स्वरोजगार और कौशल विकास के अवसर सुनिश्चित किए जाएं ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक लौट सकें।

जिला समन्वयकों की जिम्मेदारी: जिला स्तर पर तैनात समन्वयकों को इन पूर्व-कैदियों के जीवनयापन और पुनर्वास की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जागरुकता अभियान. डायन बिसाही  जैसे सामाजिक कुप्रथाओं के मामलों में शामिल रहे कैदियों के सामाजिक एकीकरण के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों SHGs के माध्यम से विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपस्थित मुख्य अधिकारी इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा, विधि परामर्शी नीरज कुमार श्रीवास्तव और जेल महानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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