विशेष पड़ताल सिंदरी में कोयला और जमीन के खेल में विस्थापितों का हल्लाबोल केटीएमपीएल KTMPL का काम ठप

विशेष पड़ताल सिंदरी में कोयला और जमीन के खेल में विस्थापितों का हल्लाबोल केटीएमपीएल KTMPL का काम ठप

17 मार्च, 2026

सिंदरी फर्टिलाइजर (FCIL) की बेशकीमती जमीन और सेल (SAIL) टासरा प्रोजेक्ट के बीच चल रहा शह-मात का खेल अब सड़क पर आ गया है। सोमवार को ‘सिंदरी फर्टिलाइजर विस्थापित मोर्चा’ ने हुंकार भरते हुए आउटसोर्सिंग कंपनी केटीएमपीएल KTMPL द्वारा बनाई जा रही सड़क का निर्माण कार्य जबरन रोक दिया। विस्थापितों का सीधा आरोप है जमीन हमारी लूट तुम्हारी अब नहीं चलेगी

नदी की कोख में अवैध डंपिंग पर्यावरण की बलि

विस्थापित मोर्चा ने स्थानीय और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार का ‘चढ़ावा’ अधिकारियों की आंखों पर पट्टी बांध चुका है। आरोप है कि निजी कंपनियां न केवल एफसीआईएल की जमीन बल्कि नदी की जमीन पर भी अवैध डंपिंग कर रही हैं। यह न केवल भूमि घोटाला है बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ भी खिलवाड़ है।

मंत्रालय के आदेश को ठेंगा कोर्ट की अवमानना!

विस्थापितों का दावा है कि भारत सरकार के फर्टिलाइजर मंत्रालय के किसी भी ठोस आदेश के बिना ही स्थानीय प्रबंधन सेल को जमीन सौंप रहा है। सबसे बड़ा सवाल रांची हाई कोर्ट में लंबित मामला संख्या (W.P. 2517/2024) है। जब मामला विचाराधीन है, तो आनन-फानन में निर्माण और डंपिंग किसके इशारे पर हो रही है. आंकड़ों का मायाजाल: 170 एकड़ का पैसा फिर भी बेतहाशा कब्जा?

विस्थापितों ने लीज और भुगतान के आंकड़ों पर भी सवाल खड़े किए हैं

प्रथम चरण: 60 एकड़ जमीन वाशरी हेतु। ₹19.56 करोड़ का भुगतान।

द्वितीय चरण 110 एकड़ का पैसा जमा लेकिन जमीन अब तक चिह्नित नहीं।

आरोप जब तक जमीन की पैमाइश और विस्थापन का मुद्दा हल नहीं होता तब तक गाड़ियों की आवाजाही और सड़क निर्माण अवैध अतिक्रमण” की श्रेणी में आता है।

विस्थापितों की दो टूक अंधेरे में रखे जा रहे रैयत

मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी है कि कुछ लोगों की कथित सहमति और अधिकारियों की “मिलीभगत” से रैयतों के हक को दबाया नहीं जा सकता। रोहड़ाबांध और डोमगढ़ मौजा के रैयत अब आर पार की लड़ाई के मूड में हैं।

बड़ी चेतावनी अगर प्रशासन ने जल्द ही निष्पक्ष जांच नहीं की और अवैध डंपिंग नहीं रोकी, तो सिंदरी में औद्योगिक क्रांति की जगह ‘जनांदोलन’ की आग सुलगेगी।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल केटीएमपीएल का काम बंद है और मौके पर तनाव व्याप्त है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन चढ़ावे के आरोपों पर सफाई देता है या विस्थापितों के साथ न्याय की मेज पर बैठता है।

 

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000