तीन वर्षों से लंबित है मुआवजा, आदिवासियों की भूमि पर हो रहे निर्माण के खिलाफ गरजीं जिला परिषद उपाध्यक्ष

तीन वर्षों से लंबित है मुआवजा, आदिवासियों की भूमि पर हो रहे निर्माण के खिलाफ गरजीं जिला परिषद उपाध्यक्ष

धनबाद। धनबाद जिला अंतर्गत ग्राम गेरेंजा पंचायत चेताग के हराफू टोला में गुरुवार को ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी के समक्ष ग्रामीणों ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं और प्रशासन की अनदेखी का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया।
विकास के नाम पर अधिकार का हनन 3 साल से मुआवजे का इंतजार
बैठक में ग्रामीणों ने भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि नेशनल हाईवे (NH) निर्माण के लिए उनकी भूमि अधिग्रहित की गई थी। निर्माण कार्य पूरा हुए लगभग तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे मुआवजे के लिए लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अनीता देवी ने कहा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और प्रशासन एक ओर संवेदनशीलता का दावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर आदिवासियों की जमीन लेकर निर्माण कर लिया जाता है लेकिन उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा। यह सीधा-सीधा उनके अधिकारों का हनन है।” उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर मुआवजा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निजी कंपनी की मनमानी और खराब जलमीनार का मुद्दा
बैठक में ग्रामीणों ने एक निजी कंपनी द्वारा बिना ग्राम सभा की अनुमति के गाँव में प्रवेश करने का मुद्दा भी उठाया, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना गया। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में पेयजल की किल्लत पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि कई जलमीनारें खराब पड़ी हैं।

पेयजल: उपाध्यक्ष ने मौके से ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता (EE) से बात की और जल्द से जल्द खराब जलमीनारों की मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।
चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि क्षेत्र की जनता के अधिकारों के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। यदि समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन को बाध्य होंगी।

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