दहेज लोभियों की हैवानियत पर फूटा झरिया का गुस्सा या तो अदालत इन कसाइयों को फांसी दे वरना जनता बीच चौराहे पर करेगी इनका हिसाब

दहेज लोभियों की हैवानियत पर फूटा झरिया का गुस्सा या तो अदालत इन कसाइयों को फांसी दे वरना जनता बीच चौराहे पर करेगी इनका हिसाब

धनबाद के झरिया
कोयलांचल का झरिया आज सिर्फ सुलग नहीं रहा बल्कि आक्रोश की ज्वालामुखी पर बैठा है। ऊपर कुली में 23 साल की बुसरा खातून की बेरहमी से की गई हत्या ने कानून व्यवस्था और समाज के ठेकेदारों के मुंह पर तमाचा जड़ दिया है। विदाई के महज दो घंटे बाद एक हंसती-खेलती बेटी को कफन में लपेट देने वाले दरिंदों के खिलाफ अब पूरे इलाके में गदर मच गया है।
रखना नहीं था तो मायके छोड़ देते, कसाइयों की तरह काटा क्यों
मृतका बुसरा के परिजनों और हुसैनाबाद के ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है, लेकिन इस दुख से कहीं ज्यादा उनके भीतर न्याय की सुलगती आग है। मृतका के मायके वालों ने पुलिस प्रशासन और धनबाद कोर्ट के सामने दहाड़ते हुए साफ कहा
अगर हमारी बेटी पसंद नहीं थी, अगर तुम्हारे दहेज की भूख शांत नहीं हो रही थी, तो उसे जिंदा हमारे पास छोड़ देते उसकी जान लेने का हक इन कसाइयों को किसने दिया पति अब्दुल वहीद, उसका बाप शाहिद शेख और ससुराल का जो-जो भी इस कत्ल में शामिल था, उन्हें सीधे फांसी के फंदे पर लटकाया जाए
परिजनों ने दो टूक कहा कि समाज में बैठे ऐसे दहेज के भेड़ियों को अगर आज जिंदा छोड़ दिया गया, तो कल ये किसी और की मासूम बेटी को मारकर फेंक देंगे।
धनबाद कोर्ट और पुलिस को खुली चेतावनी फांसी नहीं हुई, तो जनता खुद करेगी फैसला
इस खौफनाक वारदात के बाद झरिया की स्थानीय जनता का धैर्य पूरी तरह जवाब दे चुका है। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने बंद कमरों में नहीं बल्कि सीधे मीडिया के कैमरों के सामने प्रशासन और अदालत को खुली चुनौती दे डाली है।
ग्रामीणों ने उग्र लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है
हम कोर्ट से सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा मांग रहे हैं। अगर कानून ने इन हत्यारों को ढील दी, या फांसी की सजा सुनाने में देरी की, तो हम कानून को अपने हाथ में लेने से भी गुरेज नहीं करेंगे। इस बार सजा अदालत नहीं बल्कि झरिया की जनता बीच चौराहे पर खुद तय करेगी
प्रशासन के हाथ-पांव फूले इलाके में भारी तनाव
इस खुली चेतावनी और शव को सड़क पर रखकर किए गए उग्र प्रदर्शन के बाद झरिया पुलिस के हाथ-पांव फूल गए हैं। हालांकि झरिया थाना प्रभारी शशि रंजन कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर लोगों को सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराने की कोशिश की, लेकिन जनता का गुस्सा थमता नजर नहीं आ रहा है। इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, क्योंकि अगर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त सजा नहीं हुई, तो झरिया की सड़कों पर इंसाफ की यह जंग और भयानक रूप ले सकती है।
पाथरडीह से ‘जोशी न्यूज़’ रिपोर्टर मुजाहिद की तीखी और ग्राउंड जीरो से लाइव रिपोर्ट।

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