बिनोद बिहारी महतो कोलांचल विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में ऑल इंडिया उर्दू मुशायरा कार्यक्रम का आयोजन कुलपति

बिनोद बिहारी महतो कोलांचल विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में ऑल इंडिया उर्दू मुशायरा कार्यक्रम का आयोजन कुलपति वरीय प्रोफेसर डॉ रामकुमार सिंह मुख्य अतिथि की अध्यक्षता में संपन्न हुई । सर्वप्रथम विभागाध्यक्ष डॉ. आलमगीर साहिल के द्वारा मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया . उर्दू विभाग की ओर से तीन प्रसिद्ध शायर के नाम से अवार्ड देकर सम्मानित किया गया –
1. नज़्म उस्मानी अवॉर्ड – डॉ.सर्वस साजिद
2.आमिर सिद्दकी अवॉर्ड खुर्शीद तलब
3. शान भारती अवॉर्ड – मेराज अहमद मेराज को कुलपति ने अंगवस्त्र,पौधा एवं अंग वस्त्र प्रदान कर उक्त अवार्ड से सम्मानित किया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मोबाइल के आने से लोग के बीच मिलने जुलने की परंपरा खत्म हो गई है । ऐसे समय में उर्दू विभाग के द्वारा मुशायरा का आयोजन किया जाना अपने आपमें महत्वपूर्ण । मुशायरा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है बल्कि इसके माध्यम से हमें एक दूसरे से मिलने जुलने और देश दुनिया के सामाजिक राजनीतिक स्थिति का भी संदेश आम जनता को मिलती है । साहित्य समाज का दर्पण है और मुशायरा जैसा कार्यक्रम भी उसी का एक हिस्सा है । उन्होंने कहा कि शायरी दिलों को जोड़ती है । इस मुशायरा कार्यक्रम में धनबाद,बंगाल,आसनसोल,कुमारडूबी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जाने माने 22 शायर ने भाग लिया । प्रसिद्ध शायर सरवर साजिद ने जब एक गजल पेश किया -दिल का बस एक तकाजा है कि ऐसा कर लो जागती आंखों से मैं नींद का सौदा कर लूं तो मेराज अहमद मेराज ने गया – चंद अल्फ़ाज़ में तफ्सील नहीं लिख सकता, मैं समुंदर को कभी झील नहीं लिख सकता ।
4. तो वही नटखट अजीमाबादी ने गया की- जो लोग
5. अकड़ते थे बहुत शादी से पहले , बेगम का वही पांव दबाने में लगे हैं तो वहीं खुर्शीद तालाब कहते हैं – कोई चराग जलाता नहीं सलीके से, मगर सबको शिकायत हवा से होती है ।
6. आलमगीर साहिल अध्यक्ष उर्दू विभाग ने गजल का मतलब पेश किया – बेखुदी में कट रही थी जिंदगी, खुशहाल थे, होश आया तो हमें यह आगाही महंगी पड़ी । बारी बारी से अन्य शायरों में डी के चौबे, अंशुमान, इम्तियाज दानिश, अहमद निसार, अजहर आरिफ, इम्तियाज बिन, अजीज अहमद फरमान तस्लीम, आरिफ नसीम, अख्तर नसीम, गुलाम असवारी, यूनुस फिरदौस, शाहिद करीम, गजल तबस्सुम साजिद अंसार, अब्दुल रहमान, निशापुर रहमान अजीम शाहबाज रहबर सहित विभाग के छात्र एवं स्कॉलर ने भी शायरी का पाठ किया । सभी आगंतुक शायरों को स्मृति चिन्ह , शॉल एवं पौधा देकर सम्मानित किया गया । डॉ.अमिता वर्मा डीन मानविकी संकाय सहित जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मुकुंद रविदास मौजूद थे ।

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