विशेष नामांकन अभियान *SETENG* को लेकर उपायुक्त धनबाद ने निगरानी टीम की बैठक की। निगरानी टीम में

विशेष नामांकन अभियान *SETENG* को लेकर उपायुक्त धनबाद ने निगरानी टीम की बैठक की। निगरानी टीम में शिक्षा विभाग से जिला शिक्षा अधीक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी के अलावा समन्वय हेतु रेल, श्रम, समाज कल्याण,कल्याण, परिवहन, उद्योग तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी टुंडी आदि विभाग को भी शामिल किया गया है। उपायुक्त ने बाल संरक्षण पदाधिकारी को भी इस टीम में जोड़ने के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देशित किया ताकि बच्चों को आईडेंटिफाई कर उनके हवाले करते हुए निराकरण की कार्रवाई की जा सके। उपायुक्त ने पृछा की क्या पिछले वर्षों में यू डाइस पर काम अच्छा से नहीं हुआ है जो टुंडी प्रखंड को पिछड़ी प्रखंड के रूप में चिन्हित किया गया है। जबकि अन्य प्रखंड में भी संभवत स्थिति प्रतिकूल होगी। इसके आलोक में उन्होंने आने वाले समय में डाटा अच्छी तरह से फीड करने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यक्रम को टुंडी में सफल बनाने के साथ-साथ पूरे जिले में कार्य विस्तार करते हुए कार्य करने की जरूरत बताई। उपस्थित सभी निगरानी दल के सदस्यों को अपने कार्यक्षेत्र करते हुए निर्धारित प्रपत्र में शिक्षा विभाग एवं बाल संरक्षण पदाधिकारी को प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जीरो ड्रॉप आउट करने हेतु स्कूल टैगिंग किए जाने पर जोर दिया उन्होंने यह भी जताया कि पूर्व में स्कूल टैगिंग करने के निर्देश दिए गए थे क्या वह काम सही से नहीं हो पाया है, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। यह निश्चित है कि यदि स्कूल टैगिंग सही से किया गया होगा तो फिर ट्रांजिशन भी निश्चित रूप से हुआ होगा। इसके मद्देनजर क्रॉस वेरिफिकेशन करने का निर्णय लिया गया। जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया इस हेतु विसी के माध्यम से रेगुलर चेक करें उक्त वीसी में स्कूल वार मॉनिटरिंग होगा तथा शिक्षक भी vc मे उपलब्ध रहेंगे। यू डायस डाटा को अच्छी तरह मॉनिटर करेंगे Vc के माध्यम से सभी विद्यालयों को ऐड कर लेना है। सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी विद्यालय बार अनुश्रवण करेंगे तथा ट्रांजिशन की जानकारी रखेंगे। केटेगरी 1 के अनुसार टीचर टोला टैगिंग करेंगे। सूची के सारे बच्चों का एडमिशन सुनिश्चित करते हुए सभी विभाग अपना प्रतिवेदन शिक्षा विभाग को देंगे। ड्राप बॉक्स में चिन्हित बच्चों को सभी विद्यालय अपने चेक करते हुए उनका दूसरे विद्यालय में खींचना (pull)सुनिश्चित करेंगे। 10 सबसे निम्न केटेगरी वाले विद्यालयों के मांग उपायुक्त द्वारा की गई जहां उनके द्वारा गठित टीम से भ्रमण कराकर कारण एवं निराकरण या स्पष्टीकरण आदि की कार्रवाई की जाएगी।

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