आदिवासी दिवस विनोद बिहारी महतो कोयलाँचल  विश्वविद्यालय धनबाद में एससी-एसटी सेल एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में आदिवासी दिवस की पूर्व

आदिवासी दिवस विनोद बिहारी महतो कोयलाँचल  विश्वविद्यालय धनबाद में एससी-एसटी सेल एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर आदिवासी दिवस मनाया गया | सर्वप्रथम सभी अतिथियों का आदिवासी संस्कृति, परंपरा, रीत- रिवाज ,लोटा-पानी,आम-सखुआ के पात,धान,अरवा चावल से परीक्षण किया गया | माँदर की थाप पर संथाली लोक गीत-नृत्य के द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति वरीय प्रोफेसर (डॉ.) रामकुमार सिंह एवं विशिष्ट अतिथि कुलसचिव प्रोफेसर राधानाथ त्रिपाठी एवं सीसीडीसी डॉ.आर के तिवारी,डॉ.धनंजय कुमार सिंह परीक्षा नियंत्रक सहित संकायाध्यक्ष डॉ.अमिता  वर्मा, विभिन्न विभाग के अध्यक्ष एवं शिक्षकों का स्वागत एवं किया गया | कार्यक्रम की शुरुआत बिनोद बाबू एवं बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया | विषयप्रवेश सह स्वागत संबोधन एससी एसटी सेल की अध्यक्ष डॉ. गौरी मुंडा के द्वारा किया गया | सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया | कार्यक्रम मुख्य आकर्षण संथाली भाषा के द्वारा मंच संचालन से लेकर सभी कार्यक्रम में झारखंड के लोक गीत एवं लोक नृत्य था । आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए मुख्य अतिथि ने  कहा की -प्रकृति आदिवासियों के लिए केवल संसाधन ही नहीं है बल्कि उसकी संस्कृति ,आस्था और जीवन का आधार है | विश्वविद्यालय की भूमिका केवल डिग्री ही प्रदान करना नहीं है बल्कि आदिवासी राज्य झारखंड में उनके ज्ञान,इतिहास,भाषा-संस्कृति को भी विकसित व संवृद्ध  करना है | कुलसचिव ने कहा अगले वर्ष से आदिवासी कला – संस्कृति के साथ-साथ उनसे जुड़ी विभिन्न पहलुओं को भी सामने लाने का प्रयास कारेंगें | कार्यक्रम में डॉ। मृत्युंजय कुमार सिंह,उमेश कुमार,संजु कुमारी,रीता सिंह,रीता शर्मा,शीतल तोपपो,ताप्ती चक्रवर्ती,सीमा कुमारी,अनुराधा लकरा, तनुजा,सरिता ‘किरीम मुर्मू,नीलू कुमारी,नमिता,सुनंदा सहित सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित थे | कार्यक्रम मे विशेष योगदान डॉ शीतल डॉ मुकुंद रविदास कोऑर्डनैटर एन एस एस | ,

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000