धनबाद DTO ऑफिस बना भ्रष्टाचार का अड्डा दलालों के स्टांप सिस्टम का खेल, थप्पा लगते ही 2 महीने में पास, आम छात्र 6 महीने से परेशान

धनबाद DTO ऑफिस बना भ्रष्टाचार का अड्डा दलालों के स्टांप सिस्टम का खेल, थप्पा लगते ही 2 महीने में पास, आम छात्र 6 महीने से परेशान

धनबाद जिला परिवहन कार्यालय DTO की लापरवाही और बदहाल कार्यप्रणाली के कारण आम नागरिक और छात्र छात्राएं बेहद परेशान हैं। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए युवाओं को सालों तक दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं जबकि विभाग आंखें मूंदकर बैठा हुआ है।
कुंभकर्णी नींद में सोया परिवहन विभाग
स्थानीय छात्रों का आरोप है कि धनबाद DTO कार्यालय पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है। ऑनलाइन आवेदन करने सरकारी फीस जमा करने ट्रेनिंग पूरा होने और परीक्षा के दौरान फोटो खींचे जाने के 6 महीने बीत जाने के बाद भी लाइसेंस जारी नहीं किया जा रहा है। पढ़ाई और करियर की तैयारी में जुटे युवा रोज दफ्तर का चक्कर लगाने को मजबूर हैं जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
दलालों का स्टांप सिस्टम और भ्रष्टाचार का खेल
कार्यालय के भीतर भ्रष्टाचार और दलाली का एक नया स्टांप सिस्टम चलने का गंभीर आरोप सामने आया है। आम आवेदकों का कहना है कि नियम कानून का पालन करने वाले आम लोगों को पूरी प्रक्रिया के बाद भी महीनों टहलाया जाता है। इसके विपरीत दलालों के माध्यम से जिनके कागजात पर खास तरह का स्टांप या थप्पा लग जाता है उनका लाइसेंस महज दो महीने के अंदर पास आउट होकर बनकर तैयार हो जाता है।
आखिर कौन है इस बदहाली का जिम्मेदार
इस अव्यवस्था और स्टांप वाले दलाली खेल को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या जिला प्रशासन और धनबाद DC का इस खुलेआम भ्रष्टाचार पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है? क्या केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के डिजिटल इंडिया और पारदर्शी व्यवस्था के दावे धनबाद DTO में आकर पूरी तरह फेल साबित हो चुके हैं। उग्र आंदोलन की चेतावनी
पारदर्शी शासन के दावों के बीच धनबाद DTO कार्यालय की यह स्थिति चिंताजनक है। यदि इस व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया और दलालों के इस स्टांप सिस्टम पर लगाम नहीं कसी गई तो परेशान छात्र छात्राएं और स्थानीय युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

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