CPGRAMS के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा झरिया अंचल PMO में शिकायत के 109 दिन बाद भी जांच गुम

CPGRAMS के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा झरिया अंचल PMO में शिकायत के 109 दिन बाद भी जांच गुम

मुख्य सचिव तक पहुंचा मामला अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे पर उठे गंभीर सवाल

विशेष रिपोर्ट जोशी न्यूज 24 झरिया धनबाद

प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO का लोक शिकायत पोर्टल CPGRAMS जहां आम जनता अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद बांधती है वहां झरिया अंचल कार्यालय के अधिकारियों की मनमर्जी और प्रशासनिक सुस्ती ने पूरी व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है

अंचल कार्यालय की हालत यह है कि PMO से आई शिकायतों और बार बार भेजे गए रिमाइंडर पत्र यानी स्मरण पत्र को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है दर्ज शिकायत के 109 दिन यानी साढ़े तीन महीने से अधिक बीत जाने के बावजूद न तो कोई जांच रिपोर्ट तैयार की गई और न ही आवेदक को कोई संतोषजनक जवाब दिया गया

साढ़े तीन महीने दो शिकायतें दो रिमाइंडर और नतीजा सिफर रहा है मामला झरिया अंचल से जुड़ा है जहां पीड़ित नागरिक जोशी नरेन्द्र भाई किशोर भाई ने प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर CPGRAMS पोर्टल पर दो अलग अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं

प्रथम शिकायत संख्या PMOPG E 2026 0114421 दर्ज तिथि 26 जून 2026 है आज 13 अक्टूबर 2026 तक पूरे 109 दिन बीत चुके हैं लेकिन फाइल एक इंच आगे नहीं बढ़ी है

द्वितीय शिकायत संख्या PMOPG E 2026 0143896 दर्ज तिथि 03 अगस्त 2026 है इसे भी 71 दिन बीत चुके हैं

रिमाइंडर की अनदेखी करते हुए आवेदक द्वारा 25 अगस्त 2026 और 30 सितंबर 2026 को भेजे गए रिमाइंडर पत्रों पर भी अधिकारियों की नींद नहीं खुली है

नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं 30 दिन का नियम है लेकिन 109 दिन से सन्नाटा पसरा हुआ है केंद्र सरकार के स्पष्ट नियम हैं कि CPGRAMS पर दर्ज लोक शिकायतों का निवारण 21 से 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से होना चाहिए परंतु झरिया अंचल कार्यालय और अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे के रवैये से साफ जाहिर होता है कि उन्हें न तो नियमों का खौफ है और न ही PMO के निर्देशों की परवाह है

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंचल कार्यालय में जनसमस्याओं की जांच रिपोर्ट दबाकर बैठना और आवेदकों को चक्कर कटवाना आम बात बन चुकी है

मुख्य सचिव कार्यालय में दस्तक दी गई है और कार्रवाई की मांग की गई है झरिया अंचल की इस घोर प्रशासनिक लापरवाही और मनमर्जी से तंग आकर अब पीड़ित ने राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी मुख्य सचिव रांची के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है

अपील में स्पष्ट मांग की गई है कि उपायुक्त धनबाद और झरिया अंचल को तुरंत अंतिम जांच रिपोर्ट जमा करने का सख्त निर्देश दिया जाए और कर्तव्य में लापरवाही बरतने तथा जांच लटकाने वाले अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे एवं संबंधित कर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए

अब देखने वाली बात यह होगी कि मुख्य सचिव कार्यालय के संज्ञान में मामला आने के बाद झरिया अंचल के लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरती है या प्रशासनिक मनमर्जी का यह खेल यूं ही जारी रहेगा

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