जिम्स एवं जलान अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही से हुई महिला की मौत मामले में कांग्रेस नेत्री अनुपमा सिंह ने की निष्पक्ष जांच व मुआवजे की मांग

जिम्स एवं जलान अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही से हुई महिला की मौत मामले में कांग्रेस नेत्री अनुपमा सिंह ने की निष्पक्ष जांच व मुआवजे की मांग

धनबाद। जिम्स अस्पताल, सरायढेला एवं जलान अस्पताल में उपचार के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही एवं आर्थिक शोषण के कारण हुई एक महिला की मृत्यु के मामले को लेकर कांग्रेस नेत्री श्रीमती अनुपमा सिंह के निर्देशानुसार उनके प्रतिनिधि श्री सतपाल सिंह ब्रोका के नेतृत्व में पीड़ित परिवार का एक प्रतिनिधिमंडल सिविल सर्जन, धनबाद से मिला और न्याय की मांग की।

पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए आवेदन के आलोक में श्री सतपाल सिंह ब्रोका ने सिविल सर्जन से जिम्स अस्पताल एवं जलान अस्पताल में हुए उपचार की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

परिवार के अनुसार, स्वर्गीय श्रीमती रानी कौर को घुटने में दर्द की समस्या के कारण दिनांक 22 अप्रैल 2026 को जिम्स अस्पताल, सरायढेला में भर्ती कराया गया था, जहां उनका घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement) ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट आती गई। तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें दिनांक 02 मई 2026 को जलान अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लगभग 17 दिनों तक इलाज चला। उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही और अंततः दिनांक 19 मई 2026 को उनका निधन हो गया।

परिजनों के अनुसार, जिम्स अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना से लगभग ₹91,400 की राशि प्राप्त की गई, वहीं ऑपरेशन एवं उपचार के नाम पर लगभग ₹40,000 नकद भी लिए गए। इसके बाद जलान अस्पताल में भर्ती के समय ₹20,000 नकद जमा कराया गया तथा उपचार के दौरान ईएसआईसी (ESIC) योजना के माध्यम से लगभग ₹10 लाख की राशि खर्च की गई। इसके बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सका। परिजनों ने दोनों अस्पतालों में उपचार के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही एवं आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।

इस दौरान पीड़ित परिवार ने जिम्स अस्पताल एवं जलान अस्पताल से संबंधित चिकित्सा अभिलेख, उपचार से जुड़े दस्तावेज, जांच रिपोर्ट, अस्पताल बिल, भुगतान रसीदें तथा अन्य उपलब्ध चिकित्सा रिकॉर्ड की प्रतियां सिविल सर्जन को जांच हेतु सौंप दीं, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

श्री सतपाल सिंह ब्रोका ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अस्पताल प्रबंधन एवं जिम्मेदार चिकित्सकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय एवं उचित राहत दिलाने की मांग की।

इस संबंध में सिविल सर्जन, धनबाद ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी। जांच समिति जिम्स अस्पताल एवं जलान अस्पताल से संबंधित सभी अभिलेखों, चिकित्सा दस्तावेजों तथा संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर पूरे प्रकरण की समीक्षा करेगी। जांच में यदि किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही अथवा अन्य अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सिविल सर्जन ने यह भी कहा कि जांच के दौरान संबंधित अस्पताल प्रबंधन से वार्ता की जाएगी तथा मानवता के आधार पर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

मौके पर पीड़ित परिवार के सदस्य उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित करने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

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