चार घंटे का गहन निरीक्षण, कागजी रूटीन का हवाला और सीपीग्राम्स की फर्जी रिपोर्टों के बीच सिंदरी की सड़कों पर थमा अवैध कोयले का पहिया

चार घंटे का गहन निरीक्षण, कागजी रूटीन का हवाला और सीपीग्राम्स की फर्जी रिपोर्टों के बीच सिंदरी की सड़कों पर थमा अवैध कोयले का पहिया

सिंदरी धनबाद सिंदरी स्थित एसडीपीओ कार्यालय में आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा का आगमन हुआ। परिसर पहुंचते ही होमगार्ड के जवानों ने अनुशासित अंदाज में गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी और धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी साहब ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी औपचारिक अगवानी की। इस दौरान बैठक में धनबाद के एसएसपी साहब के साथ सिटी एसपी साहब और सिंदरी के एसडीपीओ साहब मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके बाद पूरे चार घंटे तक आईजी साहब द्वारा पुलिस कार्यालय के सभी महत्वपूर्ण रजिस्टरों, फाइलों और केस डायरियों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
​निरीक्षण के बाद पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों पर अपना पक्ष रखते हुए आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि यह दौरा उनके रूटीन वर्क का ही एक हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे जोन में जितने भी महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रतिष्ठान हैं, उनके एग्रीम इंस्पेक्शन की एक सूची बनाई गई है और उसी चार्ट के अनुसार वे सिंदरी एसडीपीओ कार्यालय के निरीक्षण पर पहुंचे थे। जब उनसे धनबाद में अपराध नियंत्रण और आगे की पुलिसिंग रणनीतियों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वरीय अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। वहीं कुख्यात प्रिंस खान और अपराधियों पर कड़े शिकंजे के सवाल पर आईजी ने कहा कि सुरक्षा कारणों से हर बात सार्वजनिक नहीं की जा सकती, लेकिन पुलिस के सभी अधिकारी हर बिंदु पर तत्परता से काम कर रहे हैं और जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
​हालांकि, आईजी साहब के इस चार घंटे के प्रवास और कड़े प्रशासनिक तेवरों का सीधा असर यह देखने को मिला कि रोजाना सड़कों पर दहाड़ने वाले अवैध कोयले के ट्रक पूरी तरह गायब रहे और अवैध कोयले की गाड़ियों के पहिए अचानक थम गए। हकीकत यह है कि सिंदरी अनुमंडल और उससे सटे झरिया थाना क्षेत्र, तिसरा थाना क्षेत्र, लोदना ओपी क्षेत्र, पाथरडीह थाना क्षेत्र, सुदामडीह थाना क्षेत्र, जोड़ापोखर थाना क्षेत्र तथा भौंरा ओपी क्षेत्र में आम दिनों में खुलेआम अवैध कोयले का परिवहन होता है। एसडीपीओ कार्यालय से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर मुख्य सड़क पर अमूमन कोयले से लदे ओवरलोडेड ट्रक बेधड़क दौड़ते नजर आते हैं, लेकिन आईजी के आते ही यह काला खेल पूरी तरह बंद हो गया।
​इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय पुलिस की नीयत और कार्यप्रणाली पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। धनबाद जिले से रोजाना सीपीग्राम्स जन शिकायत पोर्टल पर अवैध कोयले के कारोबार को लेकर दो से तीन गंभीर शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं। मगर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पोर्टल पर यह भ्रामक रिपोर्ट सौंप देते हैं कि उनके क्षेत्र में कोई अवैध कोयला कारोबार चल ही नहीं रहा है। आईजी साहब की मौजूदगी के दौरान अचानक अवैध गाड़ियों का गायब हो जाना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि क्षेत्र में कोयला सिंडिकेट पूरी तरह सक्रिय है और स्थानीय पुलिस सब कुछ जानते हुए भी सीपीग्राम्स पर झूठी रिपोर्ट भेजकर मामले पर पर्दा डालती रही है।
​आईजी साहब के जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि क्या पुलिस का यह रुख केवल निरीक्षण के दिन तक सीमित था या फिर सीपीग्राम्स पर दी जाने वाली फर्जी रिपोर्टिंग बंद होगी। झरिया, तिसरा, लोदना, पाथरडीह, सुदामडीह, जोड़ापोखर और भौंरा जैसे इलाकों में फैले इस काले साम्राज्य पर क्या अब स्थायी रूप से नकेल कसी जाएगी या फिर आईजी के जाते ही मुख्य सड़कों पर अवैध ट्रकों की दहाड़ दोबारा शुरू हो जाएगी।

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