रक्षाबंधन के दिन सिंदरी में खूनी सड़क हादसा: ट्रक की चपेट में आने से इकलौते भाई की दर्दनाक मौत, तीन लाख मुआवजा के साथ परिवहन नियमों पर कसा शिकंजा

रक्षाबंधन के दिन सिंदरी में खूनी सड़क हादसा: ट्रक की चपेट में आने से इकलौते भाई की दर्दनाक मौत, तीन लाख मुआवजा के साथ परिवहन नियमों पर कसा शिकंजा

सिंदरी/बलियापुर

रक्षाबंधन के पावन पर्व की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं जब शुक्रवार की शाम लगभग छह बजे बलियापुर के भिखराजपुर मोड़ स्थित हीरक प्वाइंट पर एक अनियंत्रित सीमेंट लदे ट्रक ने दोलाबड़ निवासी अमित पाण्डेय को रौंद दिया। अमित अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था। हीरक रोड से अपने गांव की तरफ मुड़ने के दौरान अमित अचानक असंतुलित होकर गिर गया और सिंदरी से धनबाद की ओर जा रहे भारी ट्रक के नीचे आ गया।

घटना की सूचना मिलते ही बलियापुर थाना प्रभारी सत्यजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल अमित को तत्काल एसएनएमएमसीएच धनबाद भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शनिवार की शाम बलियापुर थाने में सिंदरी विधायक की मध्यस्थता में हुई वार्ता में बात नहीं बन सकी। सहमति न बनने पर आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अडानी एसीसी सीमेंट सिंदरी के गेट नंबर तीन पर शव रखकर उग्र आंदोलन करने का मन बना लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तारा देवी और अन्य स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में दोबारा बातचीत हुई। इस दौरान ट्रक मालिक ने अमित के परिजनों को तीन लाख रुपए की मुआवजा राशि प्रदान की, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में भारी वाहनों के कहर को रोकने के लिए बलियापुर से लेकर कांड्रा तक के मार्ग पर नए परिवहन नियम तय किए गए हैं। अब इस पूरे क्षेत्र में कोई भी भारी वाहन चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज नहीं चलेगा। इसके साथ ही सभी भारी वाहनों में चालक के अलावा खलासी रखना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि संकीर्ण मोड़ों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बनी रहे। बैठक में यह भी तय किया गया कि भविष्य में इस मार्ग पर किसी भारी वाहन से दुर्घटना होने पर संबंधित वाहन मालिक को कम से कम तीन लाख रुपए की मुआवजा राशि पीड़ित परिवार को देनी होगी।

इलाके में बेतरतीब चालन और ओवरस्पीडिंग पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। त्यौहार के दिन इकलौते भाई की इस दर्दनाक मौत से दोलाबड़ गांव में मातम छाया हुआ है।

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