सिंदरी के ऐतिहासिक दुबे अखाड़ा में विजयादशमी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी कुश्ती का भव्य और रोमांचक

सिंदरी के ऐतिहासिक दुबे अखाड़ा में विजयादशमी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी कुश्ती का भव्य और रोमांचक आयोजन किया गया। लाल मिट्टी पर उतरे पहलवानों के दांव-पेंच और उनके दमदार प्रदर्शन ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
दुबे अखाड़े में कुश्ती की यह शानदार परंपरा वर्ष 1952 से लगातार चली आ रही है। इस परंपरा की शुरुआत स्वर्गीय बलराम दुबे जी ने की थी, जिसे आज जनता मजदूर संघ के सिंदरी सचिव श्री वेद प्रकाश ओझा और पूरा दुबे परिवार पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी प्राचीन संस्कृति और परंपरा से जोड़े रखना तथा शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाना है।
इस भव्य कार्यक्रम में सिंदरी के माननीय विधायक श्री चंद्रदेव महतो उर्फ बबलू महतो तथा जनता मजदूर संघ के महामंत्री श्री अभिषेक सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत कर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।
अखाड़े में अपना दम दिखाने वाले प्रमुख पहलवानों में श्री नंदा दुबे, श्री राम दुबे, जितेन्द्र दुबे, रमेश दुबे, राहुल दुबे, राणा प्रताप सिंह, रोहित मंडल, दीपक ठाकुर, मोनू दुबे, दिवाकर ठाकुर, रोहित, मोहित, अभय, आशीष, सत्यम दुबे और उमाशंकर यादव शामिल रहे, जिन्होंने अपने शानदार दांव-पेंच से सभी का दिल जीत लिया।
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने और पहलवानों का हौसला बढ़ाने के लिए आदित्य दुबे, नंदा दुबे, हरिश्चंद्र दुबे, रमेश दुबे, दामोदर दुबे, दिनेश सिंह, कामेश्वर सिंह, विदेशी सिंह, रासबिहारी सिंह, शैलेश सिंह, गुरचरण सिंह, अरविंद पाठक, मनोज मिश्रा, विजय सिंह, शैलेंद्र द्विवेदी, सोहन द्विवेदी, गणेश दुबे, सुशील दुबे, सुनील दुबे, कुंदन सिंह उर्फ शेरू, पंकज सिंह, सूरज प्रसाद, संजय सिंह, संजू पांडेय, संजय राय, खान जी सहित सिंदरी के तमाम गणमान्य लोग और भारी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे।

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