धनबाद: मतगणना केंद्र पर प्रशासनिक फेलियर; महिलाओं और प्रत्याशियों के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की

धनबाद: मतगणना केंद्र पर प्रशासनिक फेलियर; महिलाओं और प्रत्याशियों के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की
धनबाद | 27 फरवरी, 2026 धनबाद नगर निकाय चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहे प्रत्याशियों और समर्थकों के लिए आज का दिन भारी अव्यवस्थाओं भरा रहा। धनबाद पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र (Counting Centre) के मुख्य द्वार पर उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब पुलिस प्रशासन ने अंदर प्रवेश कर रहे लोगों पर बल प्रयोग किया। इस दौरान महिला प्रत्याशियों और समर्थकों के साथ सरेआम धक्का-मुक्की की गई, जिसने लोकतंत्र के इस उत्सव पर सवालिया निशान लगा दिया है।
मुख्य गेट बना अखाड़ा: कौन है जिम्मेदार?
सुबह से ही पॉलिटेक्निक कॉलेज के बाहर भारी भीड़ जमा थी। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, प्रत्याशियों और उनके एजेंटों के बीच अंदर जाने की होड़ मच गई। प्रशासन की लचर व्यवस्था का आलम यह था कि गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने के बजाय लोगों के साथ अभद्रता शुरू कर दी।
महिला प्रत्याशी भी नहीं सुरक्षित: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक महिला प्रत्याशी को मुख्य द्वार पर पुलिसिया बर्बरता का सामना करना पड़ा। उन्हें अंदर जाने से रोकने के लिए पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों ने धक्का-मुक्की की।
महिला पुलिस का पुरुष समर्थकों से उलझना: गेट पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा पुरुष समर्थकों के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आई हैं, जो पुलिस मैनुअल के प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है।
DC और SSP की भूमिका पर सवाल
शहर के जागरूक नागरिकों और राजनीतिक विशेषज्ञों ने इस पूरी अव्यवस्था के लिए धनबाद के उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
“जब पता था कि मतगणना के दिन हजारों की भीड़ जुटेगी, तो बैरिकेडिंग और प्रवेश की सुचारू व्यवस्था क्यों नहीं की गई? क्या जिले के आला अधिकारियों ने सुरक्षा ऑडिट नहीं किया था। एक स्थानीय प्रत्याशी के समर्थक का बयान
जनता में भारी रोष
पॉलिटेक्निक कॉलेज के बाहर मौजूद लोगों का कहना है कि प्रशासन ने मतगणना को सुव्यवस्थित करने के बजाय केवल “डंडा तंत्र” का सहारा लिया है। महिला प्रत्याशी के साथ हुई इस बदसलूकी के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। कई संगठनों ने इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत करने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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