सिन्दरी बस्ती में धरना का दूसरा दिन: बढ़ता जनसैलाब, विधायक ने आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया

सिन्दरी बस्ती में धरना का दूसरा दिन: बढ़ता जनसैलाब, विधायक ने आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया

सिन्दरी बस्ती में पेयजल संकट एवं हर्ल प्रबंधन की वादाखिलाफी के खिलाफ चल रहे धरना-प्रदर्शन का आज दूसरा दिन और भी अधिक जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। कड़ी धूप और भीषण गर्मी के बावजूद आज पहले दिन की अपेक्षा अधिक संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग एवं ग्रामीण धरना स्थल पर डटे रहे, जिससे जनसंघर्ष की व्यापकता और दृढ़ता स्पष्ट रूप से सामने आई।

आज के कार्यक्रम में सिन्दरी के माननीय विधायक श्री चन्द्रदेव महतो उपस्थित हुए और उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “पिछले वर्ष भी पेयजल के लिए आंदोलन किया गया था, जिसके बाद हर्ल प्रबंधन ने अगले वित्तीय वर्ष में पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, किन्तु आज तक वह वादा पूरा नहीं हुआ। यह अत्यंत विडंबनापूर्ण है कि जिस क्षेत्र से होकर हर्ल का पानी गुजरता है, वही क्षेत्र आज प्यासा है।”

विधायक ने जनता से अपील की कि आंदोलन को और अधिक तीखा एवं व्यापक बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो आंदोलन को हर्ल गेट तक ले जाया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सिन्दरी बस्ती, मल्लिक टोला, निमटांड़ एवं छोटा डोमगढ़ में हर हाल में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी।

उन्होंने हर्ल प्रबंधन की कार्यशैली पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि “रोजगार, चिकित्सा एवं अन्य सुविधाओं के मामले में भी प्रबंधन केवल आश्वासन देता है, ठोस कार्यवाही नहीं करता।” साथ ही उन्होंने घोषणा की कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो सभी ग्रामीण हंडी-बर्तन के साथ हर्ल गेट पर अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होंगे।

कार्यक्रम में छोटन चटर्जी, जयदेव पाल, सुरेश प्रसाद, राजू पांडे, बैद्यनाथ रजवार, भैरव मंडल, मिथुन मंडल, पिंटू मल्लिक, विजय बाउरी, धनंजय, प्रकाश, मिठू, मृणाल, मनोज, पीयूष, बसंत, तुम्पा चटर्जी, बालिका मल्लिक, काजोला मल्लिक, तृप्ति रानी पाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

भाकपा (माले) ने स्पष्ट किया है कि जब तक सिन्दरी बस्ती को पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं मिलती, तब तक यह जनसंघर्ष जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे और उग्र रूप दिया जाएगा।

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