जोशी न्यूज की खबर का असर सरायढेला पुलिस ने दर्ज की FIR, पर खोजबीन सिफर बेबस पिता का बड़ा एलान आरोपी अंकित का पता देने वाले को दूंगा 30,000 का इनाम पुलिस के बस की बात नहीं

जोशी न्यूज की खबर का असर सरायढेला पुलिस ने दर्ज की FIR, पर खोजबीन सिफर बेबस पिता का बड़ा एलान आरोपी अंकित का पता देने वाले को दूंगा 30,000 का इनाम पुलिस के बस की बात नहीं

धनबाद धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र से बीती 2 जून से लापता 16 वर्षीय नाबालिग लड़की इशिका सिंह के मामले में ‘जोशी न्यूज’ की खबर का बड़ा असर हुआ है। 6 जून को जोशी न्यूज पर खबर चलने के बाद सरायढेला पुलिस ने दबाव में आकर 7 जून को प्राथमिकी FIR No. 0117/2026 तो दर्ज कर ली है, लेकिन जमीन पर पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई या खोजबीन नहीं दिख रही है। पुलिस की इस घोर लापरवाही से तंग आकर अब पीड़ित पिता ने खुद मोर्चा संभाल लिया है और एक बड़ा एलान किया है।
आरोपी को पकड़वाने वाले को अपनी जेब से दूंगा 30,000 रुपये का इनाम
पुलिसिया कार्यशैली से पूरी तरह टूट चुके पीड़ित पिता ने बड़ा एलान करते हुए कहा आरोपी को खोजना अब इस पुलिस के बस की बात नहीं रही, जिसके कारण मैं खुद अपनी बेटी को खोजने के लिए मजबूर हूँ। जो कोई भी व्यक्ति आरोपी लड़के अंकित सिंह का सही पता-ठिकाना बताएगा या उसे पकड़वाकर मेरी बेटी की बरामदगी कराएगा, उसे मैं अपनी तरफ से 30,000 रुपये का नकद इनाम दूँगा।
आक्रोशित पिता की चेतावनी उसके बाद भगवान जाने मैं उस लड़के का क्या करूँगा
अपनी नाबालिग बेटी की सुरक्षा को लेकर तड़प रहे पिता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा वह मेरी मासूम और नाबालिग बेटी है। इतने दिनों में उस लड़के ने मेरी बेटी के साथ क्या नहीं किया होगा एक बार मेरी बेटी मिल जाए, उसके बाद भगवान ही मालिक है कि मैं उस लड़के के साथ क्या करूँगा। पिता के इस बयान से साफ है कि पुलिस की सुस्ती के कारण पीड़ित परिवार का कानून व्यवस्था से भरोसा उठ चुका है।
आरोपी के चाचा-चाची और दोस्तों को सब मालूम पुलिस क्यों है मौन
इससे पहले पिता ने यह भी खुलासा किया था कि आरोपी अंकित सिंह के चाचा, चाची और उसके दोस्तों को पूरा सच मालूम है कि लड़की को कहाँ छुपा कर रखा गया है। आरोपी के ही एक दोस्त ने नाम न छापने की शर्त पर पिता को यह जानकारी दी है। पिता का सवाल है कि 2 तारीख को आवेदन देने के बाद 7 तारीख को एफआईआर दर्ज करने वाली पुलिस आखिर आरोपी के इन मददगार रिश्तेदारों और दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ क्यों नहीं कर रही है
हालाँकि पुलिस ने कागजों पर भारतीय न्याय संहिता BNS 2023 और पोक्सो एक्ट POCSO Act की गंभीर धारा 4 और 6 के तहत केस दर्ज कर जांच महिला सब-इंस्पेक्टर SI निर्मला देवी को सौंप दी है, लेकिन पीड़ित परिवार का साफ कहना है कि सिर्फ कागजी खानापूर्ति से उनकी बेटी वापस नहीं आएगी। परिजनों ने जोशी न्यूज का आभार जताते हुए धनबाद एसएसपी से मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत स्पेशल टीम बनाकर उनकी बेटी को सकुशल बरामद किया जाए।

 

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