सिंदरी में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही रामभरोसे 5 सब-स्टेशन नियमों को ताक पर रख 2 हेल्पर के सहारे चल रहा पूरा शहर

सिंदरी में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही रामभरोसे 5 सब-स्टेशन नियमों को ताक पर रख 2 हेल्पर के सहारे चल रहा पूरा शहर

सिंदरी। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड JBVNL की लापरवाही के कारण सिंदरी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। पूरे सिंदरी क्षेत्र में कहने को तो पांच बिजली सब-स्टेशन बनाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन पांचों में से एक भी जगह पर न तो एसडीओ SDO बैठते हैं और न ही कोई जूनियर इंजीनियर JE तैनात रहता है। अधिकारियों की इस अनुपस्थिति के कारण सभी सब-स्टेशनों पर पावर सप्लाई और प्रबंधन की स्थिति बदहाल है।
श्रम कानूनों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियां
सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मामला बिजली कर्मियों के शोषण का सामने आया है। पूरे सिंदरी क्षेत्र की 20 किलोमीटर की लंबी लाइन को दुरुस्त रखने का जिम्मा महज दो हेल्परों के कंधों पर छोड़ दिया गया है।
24 घंटे ड्यूटी श्रम कानून के अनुसार किसी भी कर्मचारी या हेल्पर से 8 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता, लेकिन सिंदरी में वही हेल्पर दिन में भी काम करते हैं और रात में भी।
गैर-कानूनी काम JBVNL झारखंड सरकार और सुप्रीम कोर्ट के नियमों को ताक पर रखकर इन कर्मियों से जबरन ओवरटाइम करा रहा है, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी और अमानवीय है।
बिना सुरक्षा उपकरणों के जान जोखिम में डालने को मजबूर
सिंदरी के इन पांचों सब-स्टेशनों में एक भी आधिकारिक लाइनमैन मौजूद नहीं है। सारा तकनीकी और जोखिम भरा काम महज इन हेल्परों से कराया जाता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन हेल्परों को बिना किसी पुख्ता सुरक्षा उपकरणों Safety Gear के चालू बिजली Live Wire के खंभों पर चढ़ा दिया जाता है, जिससे हर वक्त किसी बड़ी अनहोनी या हादसे का डर बना रहता है।
हादसे के बाद सुध नहीं लेते झरिया और धनबाद के आला अधिकारी
स्थानीय लोगों और कर्मियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि काम के दौरान कोई दुर्घटना घट जाती है, तो बिजली विभाग के आला अधिकारी चाहे वह झरिया के अधिकारी हों या कार्यपालक अभियंता EE पीड़ित कर्मचारी के घर तक देखने नहीं जाते। घायल या मृतक के परिवार को अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है।
जनता का सवाल झारखंड सरकार क्यों है मौन
सिंदरी का यह दुर्भाग्य है कि इतने बड़े औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को केवल दो संविदा कर्मियों के भरोसे छोड़ दिया गया है। ऐसे तानाशाह और लापरवाह रवैये के बाद भी झारखंड सरकार और बिजली विभाग के उच्च अधिकारी इन स्थानीय अधिकारियों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं क्या विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है

सिंदरी के पांचों सब-स्टेशनों पर SDO और JE की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
खाली पड़े लाइनमैन के पदों पर तुरंत बहाली हो ताकि हेल्परों पर से अतिरिक्त दबाव कम हो सके।
श्रम कानूनों के तहत ड्यूटी के घंटे 8 घंटे तय किए जाएं और नए स्टाफ की नियुक्ति हो।
ड्यूटी के दौरान सुरक्षा मानकों ग्लव्स हेलमेट सेफ्टी बेल्ट का सख्ती से पालन हो।

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