भीख मांगकर पेट पालने वाली बुजुर्ग महिला का आशियाना छीना, थाने से दुत्कार के बाद उपायुक्त ने दिया न्याय का आश्वासन

भीख मांगकर पेट पालने वाली बुजुर्ग महिला का आशियाना छीना, थाने से दुत्कार के बाद उपायुक्त ने दिया न्याय का आश्वासन
भारतीय इस्पात प्राधिकरण तासरा परियोजना प्रबंधन और भू-माफियाओं के गठजोड़ पर उठे गंभीर सवाल
सिंदरी (धनबाद):
सिंदरी के डोमगढ़ सुंदर नगर क्षेत्र में कानून और व्यवस्था के मुंह पर तमाचा जड़ने वाला एक अत्यंत हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है। मंदिर के प्रांगण में बैठकर भीख मांगकर अपना पेट पालने वाली सतहत्तर वर्षीया बेबस बुजुर्ग महिला लखी दासी के इकलौते सिर छिपाने के ठिकाने पर भू-माफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है। जब यह लाचार वृद्धा अपने अधिकार की गुहार लगाने सिंदरी थाना पहुंची, तो खाकी की संवेदनहीनता उजागर हो गई। थाना प्रभारी ने पीड़िता की व्यथा सुनने और कार्रवाई करने के बजाय उन्हें डांट-डपटकर थाने से बाहर खदेड़ दिया।
पुलिस की दुत्कार और बेरुखी से क्षुब्ध होकर आंसुओं से भरी आंखों के साथ वृद्धा सीधे धनबाद के उपायुक्त महोदय के दरबार में जा पहुंचीं। उपायुक्त महोदय ने इस अमानवीय घटनाक्रम और प्रशासनिक विफलता को अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने रोती हुई बुजुर्ग महिला को सांत्वना देते हुए स्पष्ट शब्दों में आश्वस्त किया कि उनका मकान उन्हें हर हाल में वापस दिलाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इस पूरे प्रकरण ने भारतीय इस्पात प्राधिकरण तासरा परियोजना प्रबंधन, स्थानीय बिचौलियों और दबंगों के उस गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है जो निर्धन और असहाय लोगों के आवासों को निशाना बना रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रबंधन के कुछ अधिकारियों की शह पर पहले गरीबों के आवासों पर जबरन कब्जा कराया जाता है और फिर मुआवजे के नाम पर भारी लेन-देन का खेल रचा जाता है। यह घटना साबित करती है कि व्यवस्था में किस तरह धनबल का बोलबाला है और गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पीड़िता लखी दासी के पति स्वर्गीय रसीद मोहम्मद के नाम पर उक्त आवास संख्या दो आवंटित हुआ था। वर्ष दो हजार बाईस में पति के देहांत के बाद अत्यंत विकट आर्थिक परिस्थितियों और मानसिक संताप के कारण वृद्धा कुछ समय के लिए अपनी पुत्री के घर चली गई थीं। जब वह वापस लौटीं तो उनके घर का ताला टूटा हुआ मिला और सारा सामान गायब था। बीरू बाउरी नामक व्यक्ति द्वारा उनके आवास पर अवैध कब्जा जमा लिया गया है और विरोध करने पर वृद्धा को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं।

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