जोशी न्यूज़। पुराना बिजली ऑफिस विवाद: जनता मजदूर संघ ने खोला मोर्चा, अवैध कब्जे पर चला एफसीआईएल का बुलडोजर

जोशी न्यूज़। पुराना बिजली ऑफिस विवाद: जनता मजदूर संघ ने खोला मोर्चा, अवैध कब्जे पर चला एफसीआईएल का बुलडोजर
​सिंदरी। सिंदरी स्थित पुराना बिजली ऑफिस भवन को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार एफसीआईएल प्रशासन की बड़ी कार्रवाई के साथ समाप्त हो गया। भवन पर अवैध कब्जे और राजनीतिक पैंतरेबाजी की कोशिशों के बीच प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर चलाकर पूरे विवादित ढांचे को ध्वस्त कर दिया।
​मामले की गंभीरता को देखते हुए जनता मजदूर संघ भी खुलकर मैदान में उतर आया था। संघ के नेता वेद प्रकाश ओझा ने मीडिया को बताया कि पार्टी के नाम की आड़ लेकर कुछ लोग भवन पर अवैध कब्जा करने और बाद में दुकानों को भाड़े पर चढ़ाकर कमाई करने की नीयत रख रहे थे। वेद प्रकाश ओझा ने स्पष्ट किया कि जब यह बात सामने आई कि सार्वजनिक संपत्ति का गलत इस्तेमाल करने की नीयत से कब्जा किया जा रहा है, तो जनता मजदूर संघ ने भी बैनर लगाकर इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन की घोषणा कर दी थी।
​उल्लेखनीय है कि 9 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे कांग्रेस द्वारा भवन पर पहला ताला लगाया गया था। इसके बाद उसी रात 11 बजे रोहित मंडल द्वारा झामुमो के नाम पर दूसरा ताला जड़ दिया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर बाहरी बनाम भीतरी जैसी अमर्यादित बयानबाजी भी देखने को मिली। इसके जवाब में 10 सितंबर को सुबह 8 बजे संस्था की टीम ने तीसरा ताला लगा दिया और परिसर में झंडा फहराकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
​धरना और तनावपूर्ण माहौल के बीच दोपहर करीब 1:30 बजे एफसीआईएल के महाप्रबंधक विजय चौधरी और सिंदरी थाना प्रभारी राजेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए हंगामे को शांत कराया और फिर बुलडोजर मंगाकर पूरे विवादित भवन को जमींदोज कर दिया।
​कार्रवाई के बाद संस्था के नेतृत्व ने कहा कि क्षेत्र में सामाजिक मुद्दों पर राजनीति चमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब भी आम जनता से जुड़े मुद्दे आएंगे, हमारी टीम मजबूती से खड़ी रहेगी। एफसीआईएल प्रशासन द्वारा विवादित भवन को ध्वस्त करना उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है जो कब्जा करके गंदी राजनीति करना चाहते थे। यह हमारी सीधी जीत है।
​प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई और जनता मजदूर संघ के कड़े रुख से क्षेत्र में अवैध कब्जा जमाने की फिराक में लगे तत्वों में हड़कंप मच गया है।

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