धनबाद में अलाव राशि में धांधली की आशंका, आठ महीने बाद भी राजस्व कर्मचारी को नहीं मिला 28 हजार का भुगतान, उपायुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग

धनबाद में अलाव राशि में धांधली की आशंका, आठ महीने बाद भी राजस्व कर्मचारी को नहीं मिला 28 हजार का भुगतान, उपायुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग

झारखंड के धनबाद जिला प्रशासन में ठंड के मौसम में अलाव जलाने की व्यवस्था के नाम पर मिलने वाली सरकारी राशि के गबन और गड़बड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। झरिया अंचल में ठंड के दौरान गरीबों और राहगीरों के लिए अलाव की व्यवस्था करने वाले राजस्व उप निरीक्षक नीरोज कुमार को पिछले आठ महीनों से उनके द्वारा खर्च की गई राशि का भुगतान नहीं किया गया है। वर्तमान में पुटकी अंचल कार्यालय में कार्यरत नीरोज कुमार ने अंचल स्तर पर गोलमाल की आशंका जताते हुए सीधे उपायुक्त धनबाद एवं अपर समाहर्ता से शिकायत की है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

आवेदन पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ठंड के मौसम में माह नवंबर एवं दिसंबर के दौरान जिला प्रशासन के निर्देशानुसार झरिया अंचल के हल्का संख्या 1, 5 एवं 6 के विभिन्न चौक-चौराहों पर लकड़ी खरीदकर अलाव की व्यवस्था की गई थी। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अलाव जलाने की तस्वीरें जीपीएस अलाव मॉनिटरिंग सिस्टम मोबाइल ऐप पर भी अपलोड की गई थीं। कर्मचारी नीरोज कुमार ने बाजार से लकड़ी खरीदकर लगभग 28 हजार रुपये का खर्च अपनी व्यवस्था से किया था।

मामला तब गंभीर हो गया जब आठ महीने बीत जाने के बाद भी कर्मचारी को उनके पैसे वापस नहीं मिले। जब कर्मचारी ने अंचल नाजीर से भुगतान की मांग की तो नाजीर ने यह कहकर मना कर दिया कि जिला स्तर से अलाव राशि का आवंटन आया ही नहीं है। हालांकि जब पीड़ित कर्मचारी ने अन्य अंचल कार्यालयों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि अन्य अंचलों में अलाव राशि का आवंटन जनवरी 2026 में ही प्राप्त हो चुका है और वहां भुगतान भी हो गया है।

कर्मचारी नीरोज कुमार ने अपने पत्र में आशंका जताई है कि झरिया अंचल कार्यालय को प्राप्त अलाव राशि का दुरुपयोग या गबन कर लिया गया है। उन्होंने तीन सितंबर 2026 को उपायुक्त एवं अपर समाहर्ता धनबाद को आवेदन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए बकाया राशि के भुगतान की मांग की है।

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