सिंदरी बीआईटी कॉलेज में अंधेरे का साम्राज्य और भ्रष्टाचार का खेल: सीएसआर फंड के घोटाले और घटिया निर्माण पर प्रबंधन कुंभकर्णी नींद में

सिंदरी बीआईटी कॉलेज में अंधेरे का साम्राज्य और भ्रष्टाचार का खेल: सीएसआर फंड के घोटाले और घटिया निर्माण पर प्रबंधन कुंभकर्णी नींद में

सिंदरी, धनबाद। सिंदरी स्थित प्रतिष्ठित बीआईटी कॉलेज में व्यवस्थाएं लगातार बद से बदतर होती जा रही हैं। कॉलेज परिसर के चारों ओर तो प्रकाश की पूरी सुविधा है, लेकिन गौशाला ओपी के पास और वहां से बीआईटी के अंदर गर्ल्स हॉस्टल जाने वाले रास्ते में स्थिति बेहद खराब है। यहां कुछ पोलों पर बत्तियां जलती हैं तो कुछ में बिल्कुल नहीं जलतीं, जिससे पूरे इलाके में घना अंधेरा छाया रहता है।

इस रास्ते से रात के समय छात्र-छात्राओं का आना-जाना लगा रहता है। प्रकाश की व्यवस्था न होने के कारण जहरीले सांप और बिच्छुओं का भारी डर हमेशा बना रहता है। इसके साथ ही रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाली बहन-बेटियों और राहगीरों की सुरक्षा खतरे में है। अंधेरे का फायदा उठाकर कौन किधर घूम रहा है, इसका कोई हिसाब नहीं है। इस गंभीर स्थिति पर बीआईटी कॉलेज के सुरक्षा गार्ड और निदेशक कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर कॉलेज के कैमरों को खंगाला जाए, तो हकीकत सामने आ जाएगी कि छात्र-छात्राएं किस तरह अंधेरे का लाभ उठा रहे हैं।

कांड्रा बाजार और गौशाला बाजार के स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में सात बजे के बाद लड़कियों को हॉस्टल से बाहर नहीं निकलने दिया जाए, क्योंकि कुछ लोगों की ऐसी हरकतें मुख्य सड़क पर देखी जाती हैं जो समाज के अनुकूल नहीं हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह के खुलेआम कृत्यों से हमारी बहन-बेटियों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है।

दूसरी ओर, बीआईटी कॉलेज में जनहित और विकास निधि के नाम पर बड़ा घोटाला और भ्रष्टाचार चल रहा है। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन खर्च मात्र पांच रुपये करता है और कागजों में पांच सौ रुपये दिखाया जाता है। इसके अलावा कॉलेज की नई चारदीवारी के निर्माण में भी भारी गड़बड़ी और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।

हैरानी की बात यह है कि इन गंभीर मामलों पर लगातार समाचार छपने के बावजूद बीआईटी के निदेशक, झारखंड के कॉलेज प्रमुख और जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं। दूर-दराज से माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजते हैं, लेकिन कुछ छात्र पढ़ाई में लापरवाही कर रहे हैं और कॉलेज प्रबंधन भ्रष्टाचार में लिप्त है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने कड़े शब्दों में मांग की है कि रास्ते की बत्तियां ठीक कराई जाएं, विकास निधि और चारदीवारी निर्माण की उच्चस्तरीय जांच हो तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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