खाकी को चकमा देने की फिराक में थे गोवंश तस्कर, पाथरडीह पुलिस की फिल्मी स्टाइल घेराबंदी में स्कॉर्पियो समेत दो शातिर गिरफ्तार; कसाईखाने ले जाए जा रहे मवेशी बरामद, दो तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार।

खाकी को चकमा देने की फिराक में थे गोवंश तस्कर, पाथरडीह पुलिस की फिल्मी स्टाइल घेराबंदी में स्कॉर्पियो समेत दो शातिर गिरफ्तार; कसाईखाने ले जाए जा रहे मवेशी बरामद, दो तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार।

​धनबाद जिले के पाथरडीह थाना क्षेत्र में गोवंश तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मवेशियों से भरी एक स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया और दो शातिर तस्करों को धर दबोचा, जबकि दो अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब हो गए। यह पूरी घटना 28 अक्टूबर 2026 की रात की है, जब पाथरडीह थाने में पदस्थापित सह-सहायक उपनिरीक्षक निरंजन प्रताप अपने दल-बल के साथ, जिसमें आरक्षी प्रमोद महतो और चालक विमलेश कुमार शामिल थे, रात करीब साढ़े दस बजे सरकारी वाहन से गश्ती पर निकले थे।

​इसी दौरान 29 अक्टूबर की भोर में करीब साढ़े चार बजे गुप्त सूचना मिली कि उजले रंग की एक स्कॉर्पियो में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक बांधकर कसाईखाने बेचने और हत्या के नियत से ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वरीय अधिकारियों को जानकारी दी और रेलवे फाटक नोनिया बस्ती के पास मुख्य सड़क पर रोड जाम कर चेकिंग लगा दी। थोड़ी ही देर बाद साउस कॉलोनी चासनाला की तरफ से एक स्कॉर्पियो पंजीयन संख्या JH 09U 3331 काफी तेज गति से आई और चालक पुलिस को देखते ही गाड़ी भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खदेड़कर उनमें से दो तस्करों को दबोच लिया, जबकि दो फरार हो गए।

​पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम मो सोनू अंसारी (पिता- मो इब्राहिम अंसारी, साकिन- जामाडोबा, उम्र करीब छत्तीस वर्ष) और गोपाल कुमार वर्मा (पिता- सुरेंद्र प्रसाद वर्मा, साकिन- एक सौ दस भौरा नंबर सात पानी टंकी ओपी भौरा, वर्तमान पता- जामाडोबा तीन नंबर, दोनों थाना जोरापोखर, जिला धनबाद) बताया। वहीं भागने वाले दोनों सहयोगियों की पहचान मुस्तकिम अंसारी (पिता- कुर्बान अंसारी, भौरा नंबर सात) और खुर्शीद आलम (उम्र करीब तितालीस वर्ष, पिता- मो अब्बास, जामाडोबा, दोनों थाना जोरापोखर, जिला धनबाद) के रूप में हुई।

​तस्करों ने पुलिस की पूछताछ में अपने गुनाहों का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया और बताया कि वे दिन के वक्त खरीद-बिक्री के बहाने इलाकों में मोना (रेकी) करते हैं, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर किसी भी लड़के को हजार रुपए देकर सेटिंग करते हैं और वही लड़का उन्हें सूचना देता है, तब रात में वे गाय चोरी करते हैं। गिरफ्तार तस्करों ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्होंने सिंदरी थाना क्षेत्र के सिंदरी मोड़ से यह गाय चोरी की थी और चोरी करने के बाद वे साउथ कॉलोनी की ओर भागे थे। जब किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी, तो वे गाड़ी भगाकर दोबारा सिंदरी की ओर भाग रहे थे, इसी दौरान पाथरडीह पुलिस ने उनका पीछा किया और पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे पुलिस को चकमा देते हुए स्पीड में भाग निकले, तभी सामने से गौशाला ओपी की पुलिस ने गाड़ी घेर ली।

​इस संबंध में पाथरडीह थाना प्रभारी बिट्टू कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वे पिछले पंद्रह-बीस दिन से इन गाय तस्करों को पकड़ने के लिए लगे हुए थे क्योंकि मवेशी चोरों के खिलाफ बहुत ज्यादा शिकायतें आ रही थीं, मगर ये लोग हाथ नहीं आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने काफी मुखबिरों और सूचना तंत्रों को लगाया था, तब जाकर ये लोग पकड़े गए हैं। थाना प्रभारी बिट्टू कुमार ने अपील करते हुए यह भी बताया कि रात्रि के समय खासकर यदि इस तरह की कोई संदिग्ध गाड़ी या ऐसे व्यक्ति घूमते नजर आते हैं तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचना दें, कोई भी थाना हो ऐसी सूचना पर कार्रवाई करने का काम करती है और इसी आधार पर पुलिस ने भी यह कार्रवाई की है। वहीं गौशाला ओपी प्रभारी शंभूनाथ सिंह ने बताया कि इन तस्करों को पकड़ने में काफी कठिनाई हुई क्योंकि ये लोग पुलिस की गाड़ी को चकमा देकर भागने की कोशिश करते हैं, लेकिन पाथरडीह और गौशाला ओपी दोनों की संयुक्त मेहनत और प्रयास रंग लाया है।

​पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपियों से मवेशी से संबंधित कागजात मांगे, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके और स्वीकार किया कि वे सिंदरी मोड़ से करीब दो सौ से तीन सौ मीटर आगे सड़क के किनारे बैठे मवेशी को चोरी कर हत्या के प्रयोजन के लिए जामाडोबा ले जा रहे थे। मौके पर मवेशी की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन में चारों पैर की रस्सी को खोलकर स्कॉर्पियो से नीचे उतारा। इसके बाद जब गाड़ी की छानबीन की गई तो स्कॉर्पियो के पिछले भाग के नंबर प्लेट पर पंजीयन संख्या JH 09U 3331 पाया गया, लेकिन जब गाड़ी का बोनट खोलकर देखा गया तो पाया कि इंजन नंबर और चेसिस नंबर युक्त प्लेट को गाड़ी से उखाड़ा गया है तथा चेसिस नंबर के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिसके कारण चेसिस नंबर अपठनीय है। साथ ही गाड़ी की बीच की सीट एवं पिछली सीट को उखाड़कर हटा दिया गया था, जिससे यह प्रतीत होता है कि इन लोगों द्वारा चोरी किए गए स्कॉर्पियो में चेसिस नंबर के साथ छेड़छाड़ करते हुए फर्जी तरीके से किसी और के नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते हुए मवेशी चोरी कर कसाईखाना में बेचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

​इस गंभीर मामले में पाथरडीह पुलिस ने कानून का शिकंजा कसते हुए आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 303 2, 317 2, 318 4, 338, 336 3, 340 2 एवं द प्रिवेंशन ऑफ़ क्रूरता टू एनिमल एक्ट 1960 की धारा 11 1 a एवं 11 1 d तथा झारखंड बोवाइन प्रोहिबिशन ऑफ़ स्लॉटर एक्ट 2005 की धारा 12 2 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मौके से मो सोनू अंसारी और गोपाल कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर लिया तथा मुस्तकिम अंसारी और खुर्शीद आलम फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।

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