जामिया रियाज़ुल उलूम का सातवाँ भव्य जलसा ए दस्तारबंदी आज 13 हाफिज़-ए-कुरआन को दी जाएगी दस्तार-ए-फ़ज़ीलत

जामिया रियाज़ुल उलूम का सातवाँ भव्य जलसा ए दस्तारबंदी आज 13 हाफिज़-ए-कुरआन को दी जाएगी दस्तार-ए-फ़ज़ीलत

धनबाद। पाथरडीह
इल्म, तरबियत और रूहानी रोशनी के संवर्धन में जुटी पाथरडीह मस्जिद मोहल्ला रामलाल मोड़ स्थित प्रख्यात दीनी संस्था जामिया रियाज़ुल उलूम का सातवाँ भव्य जलसा-ए-दस्तारबंदी आज रेलवे फुटबॉल ग्राउंड के प्रांगण में पूरे जोशो-खरोश और अकीदत के साथ आयोजित किया जा रहा है।
वर्ष 1997 में स्थापित यह ऐतिहासिक संस्था पिछले ढाई दशकों से भी अधिक समय से क्षेत्र में शिक्षा की मशाल रोशन कर रही है। संस्था के प्रिंसिपल मौलाना मुहम्मद मुकीम अहमद अल-कासमी साहब की सरपरस्ती और प्रबुद्ध उलेमा ए किराम जिनमें मुख्य रूप से कारी सिद्दीक साहब, कारी जहांगीर आलम साहब, मौलाना अबुज़र साहब और मास्टर ज़फ़र साहब शामिल हैं की देखरेख में यह मदरशा बच्चों के सर्वांगीण विकास और उच्च नैतिक मूल्यों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
मदरसे की स्थापना से लेकर अब तक छह सफल जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन किया जा चुका है। इसी कड़ी में आयोजित हो रहे इस सातवें जलसे में 13 नवोदित हाफिज़-ए-कुरआन बच्चों की दस्तार ए फ़ज़ीलत की जाएगी। इस रूहानी मौके पर कुरआन-ए-पाक को अपने सीने में महफ़ूज़ करने वाले इन प्रतिभावान बच्चों को पगड़ी, रहले-कुरआन और कई आकर्षक उपहार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। संस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों की हौसला-अफ़ज़ाई करना और युवा पीढ़ी के दिलों में दीनी व दुनियावी तालीम के प्रति गहरा लगाव पैदा करना है।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक व्यापक सामाजिक और मानवीय उद्देश्य भी है। आज के दौर में जब समाज को आपसी तालमेल की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब यह जलसा पूरे समाज के लिए एकता, अमन, शांति और आपसी मोहब्बत का एक मजबूत पैगाम लेकर आ रहा है। मुस्लिम समाज में इस प्रकार के आयोजनों का बड़ा महत्व है, जो नई पीढ़ी को कुरआन-ए-करीम की तालीम और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में बांधने और भाईचारे को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है।
जामिया रियाज़ुल उलूम का मुख्य पैगाम तालीम, तरबियत, अमन और भाईचारा रहा है। संस्था के ज़िम्मेदारों ने क्षेत्र के सभी आवाम से इस रूहानी व ऐतिहासिक जलसे में बढ़-चढ़कर शिरकत करने और कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। रेलवे फुटबॉल ग्राउंड, रामलाल मोड़ के प्रांगण में शनिवार को रात्रि 9:00 बजे से इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जो शिक्षा और सौहार्द की एक नई मिसाल कायम करेगा।

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