दामोदर नदी में डूबने से सुदामडीह के युवक की मौत, ओपी प्रभारी शंभूनाथ सिंह और डॉक्टर मिहिर कुमार की तत्परता की इलाके में चर्चा

दामोदर नदी में डूबने से सुदामडीह के युवक की मौत, ओपी प्रभारी शंभूनाथ सिंह और डॉक्टर मिहिर कुमार की तत्परता की इलाके में चर्चा

सिंदरी। गौशाला ओपी क्षेत्र के अंतर्गत दामोदर नदी छठ घाट पर शुक्रवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से लगभग 19 वर्षीय युवक गोलू कुमार शर्मा की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं सूचना मिलते ही गौशाला ओपी प्रभारी शंभूनाथ सिंह ने जिस तरह दलबल के साथ मोर्चा संभाला और चासनाला अस्पताल के प्रभारी डॉ. मिहिर कुमार की टीम ने मुस्तैदी दिखाई, उसकी स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं।
भाई के ससुराल आया था मृतक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक गोलू कुमार शर्मा पिता ज्वेलरी मिस्त्री मूल रूप से सुदामडीह थाना क्षेत्र के सुदामडीह मेन कॉलोनी का निवासी था। वह वर्तमान में गौशाला बाजार स्थित अपने भाई रिंकू शर्मा के ससुराल आया हुआ था। शुक्रवार 19 जून की दोपहर करीब 2:00 बजे वह दामोदर नदी के छठ घाट पर नहाने गया था, जहाँ अचानक गहरे पानी का अंदाजा न होने के कारण वह नदी की गहराई में समा गया।
स्थानीय जनता का फूटा दर्द हर साल जून-जुलाई में लील ली जाती है एक जिंदगी
इस दर्दनाक हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय जनता का दर्द और आक्रोश भी सामने आया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दामोदर नदी का यह छठ घाट बेहद खतरनाक और डेंजर ज़ोन’ बन चुका है। लोगों का कहना है हम लोग अक्सर बाहरी और नए लड़कों को यहाँ नहाने से मना करते हैं, पर कुछ लोग नासमझी दिखाते हैं। कई लोग तो जबरदस्ती शराब दारू के नशे में धुत होकर इस खतरनाक पानी में उतर जाते हैं, जिससे ऐसे हादसे होते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार इस घाट का रिकॉर्ड बेहद डरावना है। हर साल जून और जुलाई के महीने में यहाँ एक न एक मौत निश्चित रूप से होती है। पिछले साल भी ठीक इसी समय एक वर्ष पूर्व राजू यादव नामक व्यक्ति इसी घटनास्थल पर नहाने के दौरान हादसे का शिकार हुआ था। पानी के अंदर उसके सिर माथे पर गंभीर चोट लगी थी, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया था।
नदी से लेकर अस्पताल तक मुस्तैद रहे ओपी प्रभारी
घटना की जानकारी मिलते ही गौशाला ओपी प्रभारी शंभूनाथ सिंह बिना वक्त गंवाए अपने पूरे दलबल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बिना देरी किए स्थानीय गोताखोरों को काम पर लगाया और खुद रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। ओपी प्रभारी की सक्रियता का ही नतीजा था कि लगभग एक घंटे के भीतर, दोपहर 3:05 बजे गोताखोरों ने युवक को पानी से बाहर निकाल लिया। इसके बाद ओपी प्रभारी खुद दलबल के साथ युवक को लेकर चासनाला अस्पताल भागे।
चासनाला अस्पताल प्रबंधन की सराहनीय भूमिका
जैसे ही मीडिया और स्थानीय सूत्रों के माध्यम से चासनाला अस्पताल के प्रभारी डॉ. मिहिर कुमार को मामले की जानकारी मिली उन्होंने अस्पताल में पहले से ही आपातकालीन डॉक्टरों और नर्सों की विशेष व्यवस्था मुस्तैद कर दी। अस्पताल प्रभारी डॉ. मिहिर कुमार और उनकी टीम की यह तत्परता तारीफ के काबिल रही कि मरीज के पहुंचने से पहले ही इलाज का पूरा सेटअप तैयार था।
डॉक्टरों ने युवक को बचाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन दुर्भाग्यवश जांच के बाद डॉक्टरों ने गोलू कुमार शर्मा को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में मृतक के भाई रिंकू शर्मा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया व पोस्टमार्टम की तैयारी की जा रही है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक घाट पर डेंजर ज़ोन का बोर्ड लगाया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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