चंदन प्रोजेक्ट में कोयला माफिया का राज नए थानेदार की जॉइनिंग या लूट की नई पारी

चंदन प्रोजेक्ट में कोयला माफिया का राज नए थानेदार की जॉइनिंग या लूट की नई पारी

विशेष खुलासा सुदामडीह में वर्दी पर भारी सिंडिकेट का फोन चंदन प्रोजेक्ट और 6 नंबर खटाल में मची है खुली लूट

धनबाद के सुदामडीह थाना क्षेत्र में इन दिनों कानून का राज नहीं, बल्कि ‘फोन कॉल’ का खौफ और ‘कोयला माफिया’ का रसूख चल रहा है। नए थाना प्रभारी के पदभार संभालते ही क्षेत्र में अवैध कोयले का कारोबार जिस रफ्तार से शुरू हुआ है, उसने जिला प्रशासन की मंशा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ा खुलासा गाड़ी छोड़ दो ऊपर से फोन है विश्वस्त सूत्रों और विभाग के ही एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर एक ऐसा खुलासा किया है जो व्यवस्था की जड़ों को हिला देने वाला है। जानकारी के अनुसार जब CISF या स्थानीय सुरक्षा बल चंदन प्रोजेक्ट इलाके में अवैध कोयले से लदे हाईवा ट्रक को पकड़ते हैं तो चंद मिनटों के भीतर ही किसी बड़े साहब का फोन घनघना उठता है। फोन पर सिर्फ एक ही आदेश मिलता है गाड़ी को बिना किसी कार्यवाही के तुरंत छोड़ दिया जाए। यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर वह अदृश्य शक्ति’ कौन है जिसके एक फोन पर कानून के हाथ बंध जाते हैं

कोयला माफियाओं ने अब 6 नंबर खटाल और चंदन प्रोजेक्ट को अपना मुख्य केंद्र बना लिया है। स्थानीय चश्मदीदों के मुताबिक।  नए थाना प्रभारी के आते ही इन इलाकों में माफियाओं की सक्रियता 100% बढ़ गई है।  दिन-दहाड़े अवैध मुहानों से कोयला निकाला जा रहा है और भारी वाहनों के जरिए उसे खपाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस की गश्ती इन इलाकों में केवल ‘खानापूर्ति’ बनकर रह गई है।  जनता अब सीधे तौर पर धनबाद के कप्तान एसएसपी और सुदामडीह थाना प्रभारी से जवाब मांग रही है। थाना प्रभारी क्या आपकी जॉइनिंग का मकसद अवैध कारोबार को संरक्षण देना है। कप्तान साहब क्या आपके संज्ञान में वह बड़ा साहब’ है जो अपराधियों को बचाने के लिए फोन करता ह। प्रशासन क्या सरकारी संपत्ति की इस डकैती में शासन-प्रशासन की बराबर की हिस्सेदारी है। अवैध उत्खनन न केवल सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रहा है, बल्कि सुदामडीह की जमीन को भी खोखला कर रहा है। बिना किसी सुरक्षा मानक के हो रही यह खुदाई भविष्य में किसी बड़ी आपदा को न्योता दे रही है।

संपादकीय टिप्पणी यदि रक्षक ही भक्षक के पैरोकार बन जाएं तो आम जनता किससे न्याय की गुहार लगाएगी सुदामडीह की यह स्थिति एक बड़े प्रशासनिक भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रही है जिसकी जांच उच्च स्तरीय एजेंसियों से होना अनिवार्य है।

 

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